भले ही पुराने एवं न्यू-चंडीगढ़ में कोई समानता नहीं है, लेकिन एक चीज संयोग से जरूर मिल रही है।
पुराना शहर स्वर्गीय प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने विशेष योजना के तहत बसाया था। वहीं, न्यू चंडीगढ़ में स्थापित हो रहे पहले प्रोजेक्ट का नींव पत्थर भी प्रधानमंत्री के हाथों द्वारा रखा जाएगा।
इतना ही नहीं यह प्रोजेक्ट केवल पंजाब के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण हैं। क्योंकि न्यू-चंडीगढ़ में बनने जा रहा अस्पताल पूरे देश का कैंसर खत्म करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
जानकारी के मुताबिक राज्य सरकार द्वारा पहले न्यू-चंडीगढ़ को मुल्लांपुर के रूप में ही विकसित किया जा रहा था। उसी के आधार पर इलाके का मास्टर प्लान बना था। परंतु 23 सितंबर 2013 को पंजाब रीजनल एंड टाउन डेवलपमेंट बोर्ड की 27वीं मीटिंग हुई थी।
इसमें मुल्लांपुर के मास्टर प्लान में संशोधन किया गया। साथ ही मुल्लांपुर का नाम बदलकर मास्टर प्लान में न्यू-चंडीगढ़ कर दिया गया। इतना ही नहीं न्यू-चंडीगढ़ के लिए अब तक जितनी भी जगह एक्वायर हुई है। उसमें पहले प्रोजेक्ट का काम शुरू होने जा रहा है।
इसके लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह 30 दिसंबर को आएंगे। इससे पहले मुल्लांपुर में मुख्यमंत्री के प्रोग्राम जरूर होते रहे हैं। लेकिन इस तरह का प्रोग्राम पहला ही होगा। लोगों में काफी खुशी है। कभी यह इलाका काफी वीरान होता था। लोग वहां जाना तक पसंद नहीं करते थे।