चंडीगढ़। इस बार दिवाली मनाने को लेकर कई चर्चाएं हैं। यह कि दिवाली 20 या 21 अक्तूबर को है। इस संबंध में देवालय पूजक परिषद के पदाधिकारियों से चर्चा की गई। उनका कहना है कि दिवाली का त्योहार 20 अक्तूबर को मनाया जाएगा।
सेक्टर-30 के श्री महाकाली मंदिर स्थित भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख पंडित बीरेंद्र नारायण मिश्र ने कहा कि दिवाली 20 अक्तूबर को ही मनाई जानी चाहिए। हिंदू पर्व महासभा ने भी 20 को मनाए जाने की बात की है। दीपावली का त्योहार 20 अक्तूबर को है। तीन रात्रियों का बड़ा विशेष महत्व है। इनमें कालरात्रि, महारात्रि और मोहरात्रि हैं। कालरात्रि को दीपावली, महारात्रि को शरद पूर्णिमा और मोह रात्रि को होलिका मनाई जाती है। इन रात्रियों का अपना एक अलग महत्व है। कालरात्रि में 10 महाविद्याओं की उपासना और तंत्र मंत्र की सिद्धि की जाती है।
पंडित बीरेंद्र नारायण ने कहा कि 20 अक्तूबर दिन सोमवार को दोपहर बाद तीन बजकर 46 मिनट पर अमावस्या तिथि का प्रारंभ होता है जो कि अगले दिन 21 अक्तूबर दिन मंगलवार को शाम 5 बजकर 55 मिनट पर अमावस्या समाप्त हो जाएगी। 21 अक्तूबर को सूर्यास्त 5 बजकर 41 मिनट पर है। सूर्यास्त के बाद मात्र 14 मिनट तक अमावस्या है। ऐसे में 20 अक्तूबर को ही दिवाली मनाई जाएगी।
बीरेंद्र नारायण मिश्र का यह भी कहना है कि दिवाली में तीन पूजन का विशेष महत्व है। इसमें प्रदोष काल पूजन, निशीथ काल पूजन और महानिशीथ काल पूजन है। यह तीनों पूजन 20 अक्तूबर को ही हैं। क्योंकि अगले दिन 21 अक्तूबर को अर्धरात्रि में अमावस्या नहीं है।
श्री देवालय पूजक परिषद के संरक्षक और सेक्टर 28 के खेड़ा शिव मंदिर के पुजारी आचार्य ईश्वर चंद्र शास्त्री का कहना है कि इस वर्ष कार्तिक अमावस्या 2 दिन रहने वाली है। हिंदू पंचांग के अनुसार इस बार कार्तिक अमावस्या सोमवार 20 अक्टूबर को दोपहर 03.45 बजे शुरू होगी, जो अगले दिन मंगलवार, 21 अक्टूबर को शाम 05.55 बजे तक रहेगी। ऐसे में दिवाली का पर्व 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा। जबकि अगले दिन सुबह 21 अक्तूबर को स्नान व दान किया जाना चाहिए।
कार्तिक अमावस्या 20 अक्टूबर सोमवार के दिन प्रदोष काल और निशीथ काल से व्याप्त है। इसलिए 20 अक्टूबर, सोमवार को दीपावली का त्योहार मनाना उचित होगा। शास्त्रों के अनुसार दीपावली को प्रदोष काल और निशीथ काल में ही देवी लक्ष्मी की पूजा करने का विधान है।
दीपावली के दिन शुभ योग....
श्री देवालय पूजक परिषद के अध्यक्ष डॉ. लाल बहादुर दुबे ने बताया कि दिवाली पर कई शुभ योग बन रह हैं। इसमें हंस महापुरुष योग, शनि वक्री योग, कलात्मक योग और बुधादित्य योग बन रहे हैं। ये योग सुख-समृद्धि और शांति प्रदान करते हैं। सम्मान ज्ञान और सफलता के लिए शुभ हैं। हिंदू पर्व महासभा के अध्यक्ष बीपी अरोड़ा का कहना है कि दिवाली 20 अक्तूबर को ही मनाई जाएगी।