फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कहीं तीन करोड़ का झोटा देखा है आपने, देखिए

Wed, 26 Feb 2014 11:05 AM IST
अमित कौशिक/अमर उजाला, करनाल
विज्ञापन
विज्ञापन
नाम...हीरा और मोती। मोती की कीमत तीन करोड़ रुपये और हीरे का तो कोई मोल ही नहीं। शायद आप सोच रहे होंगे कि हम यहां हीरे-जवाहरात की बात कर रहे हैं, लेकिन ऐसा नहीं हैं।
विज्ञापन


हम बात कर रहे हैं राष्ट्रीय डेयरी मेले में लाए गए दो झोटों की। दिल्ली के गांव ढिचाऊं कला के नंबरदार ओमप्रकाश अपनों दो झोटों हीरा और मोती को डेयरी मेले में प्रदर्शनी के लिए लाएं हैं।

मोती की कीमत अब तक तीन करोड़ रुपये लग चुकी है, लेकिन ओमप्रकाश उसे बेचने से इन्कार कर रहे हैं। वहीं, हीरे की कीमत तो वे सुनने को तैयार ही नहीं हैं।

मंगलवार से शुरू हुए तीन दिवसीय राष्ट्रीय डेयरी मेले में हीरा और मोती लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

पंजाब के खरीदार ने की तीन करोड़ की पेशकश
नंबरदार ओम प्रकाश ने बताया कि पंजाब के अवतार सिंह ने मोती को खरीदने के लिए तीन करोड़ रुपये की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने यह पेशकश ठुकरा दी।

उनका कहना है कि मोती को उन्होंने शौकिया तौर पर पाला है। मोती अभी ब्रह्मचारी है। हीरा और मोती दोनों एक ही भैंस के बच्चे हैं।

उन्होंने बताया कि मोती एक फरवरी 2014 में 30वीं फाउंडेशन डे एंड बफलो मेला, हिसार के दौरान चैंपियन रह चुका है। इनकी मां का जन्म 1982 में हुआ है और वह अभी भी हर रोज लगभग करीब 30 किलो दूध देती है।
विज्ञापन


ओमप्रकाश ने बताया कि हीरा तथा मोती दोनों ही सगे भाई हैं। इनकी मां अभी तक 27 कटडे़ दे चुकी है। जिनमें हीरा 26वें तथा मोती 27 वें नंबर पर आता है।

हीरा छह दांत और मोती चार दांत का झोटा है। उन्होंने बताया कि हीरे अभी मात्र साढ़े तीन साल है, जबकि मोती ढाई बरस का है।

ओमप्रकाश ने बताया कि हीरा द्वारा भैसों को नए दूध करने के लिए वह तीन हजार रुपये वसूलते हैं, जिसमें से आधी रकम वह गोशाला में दान कर देते हैं।

दस किलो दूध पिता है मोती
पशुपालक ओम प्रकाश ने बताया कि प्रतिदिन इन्हें दस-दस किलो दूध पिलाया जाता है। दोनों 700-700 ग्राम घी दिया जाता है।

इसके अलावा चना, बिनौला, दली हुई सरसों तथा फल इन दोनों को डाइट में खिलाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि गर्मियों वे दोनों को बादाम भीगो कर खिलाते हैं। जबकि सर्दी में एक बार तथा गर्मियों में तीन बार दोनों को नहलाते हैं।

अर्जुन ने भी बटोरी तालियां
पानीपत के चमराड़ा गांव से आए अर्जुन नाम के झोटे ने भी मेले में खूब वाहवाही बटोरी। पशुपालक आजाद सिंह ने बताया कि अर्जुन की उर्म केवल साढ़े तीन साल है। इसे विशेष प्रकार की डाइट दी जाती है। उसके मालिश का विशेष ख्याल रखा जाता है।
विज्ञापन

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें