पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल व भाजपा के डिफेंस एंड सिक्योरिटी विंग के एडवाइजर पीएन हून ने चुनाव आयोग से आर्म्ड फोर्स के सदस्यों को वोट डालने का अधिकार देने की मांग की। उन्होंने कहा कि वे इस मुद्दे पर जल्द सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर करने वाले हैं।
बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि 23 अगस्त 2013 को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि वोट का अधिकारी सिर्फ उन्हीं फौजियों को मिलेगा, जो एक जगह पर कम से कम तीन साल तक पोस्टेड रहे होंगे। दूसरा इस वोटिंग की वीडियोग्राफी होगी। जनरल हून का कहना है कि फौजी व उनके परिजन इस फैसले से संतुष्ट नहीं है। फौजियों का कब ट्रांसफर हो जाए इस बारे में किसी को पता नहीं होता।
तीन साल तक एक ही जगह पर रहना फौजियों के लिए मुश्किल होता है। उन्होंने कहा कि वोट का अधिकार सभी को है। इसलिए फौजियों को भी वोट डालने का अधिकार मिलना चाहिए। इस बारे में अब तक किसी ने आवाज नहीं उठाई है। उनका कहना है कि भारतीय जनता पार्टी अब इस मुद्दे पर मुखर है। जल्द ही यह अधिकार लेकर रहेंगे।