शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने आम आदमी पार्टी को सिख धर्म के मामलों में हस्तक्षेप नहीं करने की सलाह दी है। उन्होंने चेतावनी दी कि नहीं तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। लखीमपुर घटना को लेकर मंगलवार को आयोजित शिअद की कोर कमेटी की बैठक के बाद सुखबीर सिंह बादल ने किसानों की हत्या किए जाने की घटना की निंदा की। उन्होंने केंद्र से अपील की कि किसानों के हित में केंद्र सरकार तत्काल तीनों कृषि कानून वापस ले।
शिअद मुख्यालय में कोर कमेटी के बाद पत्रकारों से बातचीत में शिअद प्रधान ने कहा कि कृषि कानूनों को लेकर किसान देश में संघर्ष कर रहे हैं। लखीमपुर में किसानों की हत्या की जाती है। देश के अन्नदाता की मांगों को ठुकराया जा रहा है। यदि जल्द कृषि कानूनों पर केंद्र कोई फैसला नहीं लेती है तो और न जाने कितने किसानों की जानें चली जाएंगी।
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सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि कोर कमेटी में विचार विमर्श हुआ है कि दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार सिखों के धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप कर रही है। धार्मिक मामलों को देखने के लिए दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी बनाई गई है, लेकिन दिल्ली सरकार चुनी गई बॉडी को हराने की कोशिश कर रही है। दिल्ली सरकार के द्वारा मनजिंदर सिंह सिरसा का नॉमिनेशन रिजेक्ट कर दिया गया।
सिर्फ यह कहकर कि उनको पंजाबी नहीं आती है। जब यह मामला हाईकोर्ट पहुंचा तो एक कमेटी बनाई गई, जिसने अपनी रिपोर्ट में मनजिंदर सिंह सिरसा को पास कर दिया। दिल्ली सरकार प्रबंधक कमेटी के सदस्यों को परेशान कर रही है उन पर झूठे केस किए जा रहे हैं। शिअद प्रधान ने दिल्ली सरकार को चेतावनी दी कि यदि वह बाज नहीं आए तो उन्हें सिखों का विरोध झेलना पड़ेगा। धार्मिक मामलों से उन्होंने आप को दूर रहने की हिदायत दी।
कांग्रेस पर कसा तंज
पंजाब कांग्रेस में चल रही कलह पर सुखबीर सिंह बादल ने तंज कसते हुए कहा कि पंजाब में कांग्रेस है कि नहीं अभी यह ही नहीं पता। हालात यह है कि मुख्यमंत्री को ही नहीं पता कि वह मुख्यमंत्री है। यही हाल संगठन में है। संगठन में कांग्रेस प्रधान को यह नहीं पता है कि वह अब भी क्या कांग्रेस प्रधान हैं। मंत्री के इस्तीफे के बाद भी उसे यह नहीं पता है कि वह मंत्री है।