उत्तर प्रदेश के बाहुबली नेता व अपराधी मुख्तार अंसारी के मामले में पंजाब की राजनीति गरमा गई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अंसारी को रोपड़ जेल में रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट में उसके केस की पैरवी पर खर्च हुए 55 लाख रुपये की रिकवरी के लिए सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह व पूर्व जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा के खिलाफ नोटिस जारी कर दिया। रिकवरी को लेकर सीएम के बयान पर रंधावा की चुनौती देने के दो घंटे के भीतर ही यह नोटिस जारी कर दिया गया।
इससे पहले सोमवार सुबह कांग्रेस भवन में प्रेस कांन्फ्रेंस में पूर्व मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि सीएम भगवंत मान पैसे की रिकवरी के लिए नोटिस जारी करें। मुझे मीटिंग में शामिल होने के लिए एक बजे दिल्ली जाना है। अब वह नोटिस लेकर ही जाएंगे। इसके बाद आप के प्रवक्ता मलविंदर सिंह कंग ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि रंधावा को जल्द ही रिकवरी नोटिस जारी कर रहे हैं। हम लोगों के प्रति जवाबदेह हैं, एक-एक पैसे का हिसाब लिया जाएगा। फिर करीब दो घंटे के बाद सीएम ने अपने ट्विटर हैंडल पर रिकवरी नोटिस डालकर लिखा- ‘आह लओ, रंधावा साहब, तुहाडे अंसारी वाला नोटिस।’ (यह लीजिए रंधावा साहब, आपके अंसारी वाला नोटिस।) हालांकि, नोटस में यह स्पष्ट तौर पर नहीं लिखा गया है कि कितनी राशि रिकवर की जानी है।
रंधावा ने मीडिया के सामने मुख्यमंत्री के खिलाफ मानहानि का केस दायर करने का एलान किया। उन्होंने कहा कि सीएम बेबुनियाद आरोप लगाकर उनके चरित्र को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। जब वकील को पैसे जारी ही नहीं किए गए तो रिकवरी किसकी की जाएगी। वकील को देने के लिए तय हुई राशि भी 55 लाख नहीं, बल्कि 17.60 लाख रुपये बनती है। हम आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे, पीछे हटने वालों में नहीं हैं।
रंधावा ने कहा कि मैंने सीएम को खुद चैलेंज किया था कि नोटिस घर के पते पर जारी करें लेकिन उन्होंने इसे ट्विटर हैंडल पर पोस्ट किया है। मैं इसे नोटिस नहीं मानता, क्योंकि इसमें उचित तरीका नहीं अपनाया गया है। इसकी भाषा भी उचित नहीं है। इसको पढ़कर खुद ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि सीएम क्या कहना चाहते हैं। मैंने मंत्री पद पर रहते हुए वकील को राशि जारी करने पर रोक लगाई थी। अंदेशा है कि सीएम भगवंत मान ने अब खुद ही राशि जारी कर दी है, साथ ही अब वह रिकवरी पर तुले हैं। सीएम ने ट्वीट में लिखा था कि यह राशि मेरी पेंशन और अन्य भत्तों से रिकवर की जाएगी। रंधावा बोले कि मैं मौजूदा विधायक हूं, उनके साथ ही विधानसभा में बैठते हैं।
पूर्व सीएम कैप्टन बोले- हाईकोर्ट जाएंगे
रिकवरी नोटिस के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि वह इस मामले में हाईकोर्ट जाएंगे। उन्होंने कहा कि वे अंसारी से कभी नहीं मिले। उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। आरोपियों को जेल से लाने और ले जाने की जिम्मेदारी पुलिस अफसरों को होती है। ऐसे में उनका इस केस से कोई लेना-देना नहीं है।