राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें गर्व है कि वह पेक के शताब्दी समारोह में मौजूद हैं। यहां देश के सभी हिस्सों से छात्र आकर पढ़ते हैं, जो इसे विविधता में एकता का एक आदर्श उदाहरण है। यदि कोई संस्थान इतने बड़े स्तर पर छात्रों के लिए एकीकृत हो सकता है तो मुझे यकीन है कि आप सभी का मार्गदर्शन निश्चित रूप से हमारे देश के लिए एकता का कारक बनेगा।
हमने हमेशा वसुधैव कुटुम्बकम के आदर्श का पालन किया है। पूरी दुनिया एक परिवार है। यह जरूरी है कि हमारे देश के विभिन्न संस्थान और विश्वविद्यालय इस सिद्धांत का पालन करें। हमें अपने देश की अधिक प्रगति के लिए एक साथ काम करने और अपने देश के सभी छात्रों के लाभ के लिए एक ज्ञान नेटवर्क बनाने की जरूरत है। अपने शब्दों को कविता के रूप में पेश करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि ‘अध्यात्म है, विज्ञान भी, संस्कार है, नवज्ञान भी, कल्पना है, रचना भी, परिश्रमी है, प्रवीण भी, लक्ष्य है राष्ट्र निर्माण की ओर।’
पंजाब ने हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई
राष्ट्रपति ने कहा, पंजाब ने हमेशा देश के इतिहास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सिंधु घाटी सभ्यता के केंद्र के रूप में हो या वैदिक काल के सप्त सिंधु क्षेत्र के रूप में, पंजाब ने अनादि काल से एक पहचान बनाई है। देश का एक सीमावर्ती राज्य होने के नाते यह बाहरी प्रभावों के कारण सामाजिक-राजनीतिक मंथन को महसूस करने वाले पहले राज्यों में से एक रहा है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह पूरी दुनिया में भारतीय संस्कृति और सभ्यता का एक प्रमुख प्रतीक रहा है। आध्यात्मिक परंपराएं हों या आधुनिक तकनीक, इस भूमि की उपलब्धियां देश का गौरव हैं।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) के नवनिर्मित सेंटेनरी हॉल समेत चार परियोजनाओं का उद्घाटन शाम साढ़े चार बजे किया। इस दौरान पेक के निदेशक प्रो. बलदेव सेतिया ने हॉल की खासियतें बताईं। महामहिम ने सेंटेनरी हॉल के अलावा सेंटेनरी हॉस्टल ब्लॉक, सेमी कंडक्टर रिसर्च सेंटर और सेंटेनरी गेट का उद्घाटन किया। साथ ही पेक के शताब्दी वर्ष पर विशेष डाक टिकट भी जारी किया।
इससे पूर्व पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित, हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय, यूटी प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने राष्ट्रपति का स्वागत किया। हॉल के उद्घाटन के समय से आधे घंटे पहले वीआईपी अतिथियों को छोड़कर अन्य लोगों के लिए गेट नंबर दो बंद कर दिया गया था।
पेक में सबसे पहले वीआईपी अतिथियों में हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय पहुंचे। उनके 15 मिनट बाद यूटी के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित और शाम साढ़े चार बजे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद पहुंचे। पूरे कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति ने पेक की खूब तारीफ की। यहां के अधिकारियों की भी सराहना की। पेक निदेशक प्रो. बलदेव सेतिया से कहा कि वह बेहतरीन कार्य कर संस्थान को और आगे ले जाएं।