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Chandigarh News: अवैध मैरिज पैलेस, बैंक्वेट हॉल को नियमित करने की तैयारी

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निकाय विभाग ने तैयार किया मसौदा, हितधारकों से मांगे सुझाव
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31 दिसंबर 2023 तक अस्तित्व में आए साइट को ही नियमित किया जाएगा
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार नगर निगम क्षेत्र की सीमा में बने अवैध मैरिज पैलेस व बैंक्वेट हॉल को नियमित करने की तैयारी में है। इसके लिए निकाय विभाग ने एक मसौदा तैयार किया है, जिसमें कुछ शर्तें तय की हैं। शर्तों के मुताबिक यह नीति उन मैरिज पैलेस व बैंक्वेट हाल में लागू होंगी, जो 31 दिसंबर 2023 से पहले अस्तित्व में आ चुके हैं। प्रमाण के तौर पर आवेदक को मैरिज पैलेस या बैंक्वेट हाॅल में हुई शादी की फोटो व वीडियो दिखाना होगा। शर्तों में यह भी शामिल है कि मैरिज पैलेस की साइट स्कूल, कॉलेज और अस्पताल से कम से कम 100 मीटर की दूरी पर होनी चाहिए। यदि मैरिज पैलेस बनने के बाद कोई स्कूल कॉलेज या अस्पताल का निर्माण हुआ तो यह शर्त उस मैरिज पैलेस या बैक्वेंट हॉल पर लागू नहीं होगी।
निकाय विभाग ने इससे पहले 2014 तक बने मैरिज हॉल और बैंक्वेट हॉल को एक सीमित समय की नीति बनाकर नियमित किया था। हालांकि इस नीति का कुछ ही लोग फायदा उठा पाए थे। इसके अलावा 2017 में हरियाणा बिल्डिंग कोड लागू होने के बाद भी मैरिज पैलेस के लिए एक और नीति की जरूरत महसूस की जा रही थी। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए निकाय विभाग दस साल के बाद से फिर से नियमितीकरण की नीति लेकर आई है। इसके तहत शर्तें पूरी करने वाले मैरिज हॉल को नियमानुसार एक मुश्त राशि देकर उन्हें नियमित कर दिया जाएगा। मसौदे में विभाग ने राशि भी तय कर दी है। कवर क्षेत्र के लिए दस रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से वसूला जाएगा। वहीं, 50 फीसदी विकास शुल्क और अनाधिकृत वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए 25 फीसदी अतिरिक्त शुल्क देना होगा। निकाय विभाग ने अब इस मसौदे पर संबंधित हितधारकों से इसके बारे में सुझाव मांगे हैं।
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मसौदे में यह शर्ते भी रखी गई हैं
यह नीति केवल उन्हीं क्षेत्रों में लागू होगी, जहां नियंत्रित क्षेत्र के प्रावधान लागू नहीं है।
प्रतिबंधित व सरंक्षण क्षेत्रों में यह नीति लागू नहीं होगी, मसलन इन इलाकों में बने मैरिज पैसेल व बैंक्वेट हाल नियमित नहीं होंगे।
वाणिज्यिक, संस्थागत या सार्वजनिक व मिश्रित भूमि और कृषि क्षेत्रों में बने मैरिज पैलेस व बैंक्वेट हाॅल को मंजूरी दी जाएगी।
प्लॉट का साइज 1500 स्क्वेयर मीटर से कम नहीं होना चाहिए। सड़क की चौड़ाई कम से 10-18 मीटर से होनी चाहिए।
साइट के हिसाब से पार्किंग एरिया 25 फीसदी से कम न हो। यदि पार्किंग 200 मीटर की दूरी पर है तो मैरिज पैलेस पर ही 15 फीसदी पार्किंग मैरिज हॉल में उपलब्ध करानी होगी।
बेसमेंट का इस्तेमाल केवल पार्किंग, बिजली व अन्य भंडारण के लिए इस्तेमाल होगा।
जिस साइट को मंजूरी दी जाएगी उसे दो या उससे अधिक भूखंडों में विभाजित नहीं किया जा सकेगा।
प्रत्येक साइट पर कम से कम दो गेट होने चाहिए। प्रत्येक की न्यूनतम चौड़ाई छह मीटर होनी चाहिए।
राष्ट्रीय, राज्य राजमार्ग व अनुचित सड़क से सीधे प्रवेश व निकास की अनुमति नहीं होगी।
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