चंडीगढ़। दसवीं से बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने मंगलवार से स्कूल खोलने के आदेश दिए हैं। प्रशासन के आदेशों के अनुसार सभी विद्यार्थी ऑफलाइन कक्षा में आएंगे, लेकिन अभी तक सरकारी स्कूलों में 15 से 18 उम्र वर्ग के सभी बच्चों का टीकाकरण नहीं हुआ है। शिक्षा विभाग के अनुसार 80 प्रतिशत बच्चों को ही टीका लग पाया है।
शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार निजी स्कूलों में सरकारी स्कूलों के अपेक्षा बच्चों का टीकाकरण कम है। अगले हफ्ते स्कूलों से टीकाकरण का पूर्ण डाटा और टीका नहीं लगवाने वाले विद्यार्थियों के कारण सहित डिटेल रिपोर्ट मंगवाई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर निजी और सरकारी दोनों स्कूलों में कोरोना टीकाकरण के शिविर लगाए गए थे, ताकि स्कूल खुलने से पहले सभी विद्यार्थियों का टीकाकरण हो सके।
सरकारी स्कूल के शिक्षक दे रहे हैं बीएलओ और कोविड ड्यूटी
एक तरफ प्रशासन ने स्कूलों में ऑफलाइन कक्षाओं के आदेश दे दिए हैं। वहीं दूसरी तरफ सरकारी स्कूल के शिक्षकों को शैक्षणिक कार्यों के अतिरिक्त अन्य कामों में व्यस्त कर रखा है। सरकारी स्कूलों के कई शिक्षक बीएलओ और कोविड में ड्यूटी दे रहे हैं। ये शिक्षक शाम के समय बच्चों की ऑनलाइन कक्षाएं लेते हैं। शिक्षकों ने कई बार विभाग के सामने मांग रखी है कि उन्हें शिक्षा के अलावा अतिरिक्त ड्यूटी से मुक्त किया जाए, क्योंकि स्कूलों में पहले ही शिक्षकों की कमी है, ऐसे में अतिरिक्त कार्यभार सौंपने पर बच्चों की शिक्षा पर सवाल खड़े होते हैं।
टीका नहीं लगवाने के ये कारण
स्कूलों से बातचीत के अनुसार 80 से 90 प्रतिशत विद्यार्थी कोरोना टीके की पहली खुराक लगवा चुके हैं। कई विद्यार्थी सर्दियों की छुट्टियों के कारण अपने पैतृक गांव गए हैं, वहां टीकाकरण की सुविधा नहीं है। कुछ बच्चों के अभिभावकों को अभी टीके से डर लग रहा है। वहीं कई परिवारों में लोगों को कोविड हो रखा था, इसलिए स्वास्थ्य टीम ने बच्चों को टीका लगाने से मना कर दिया, तय समय अंतराल के बाद टीका लगाने की सलाह दी है।
कोट्स :
सरकारी स्कूलों में इस हफ्ते तक 80 प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण हो गया है। बच्चों के घरों में कोविड होने के कारण वे टीका लगवाने नहीं पहुंचे। अगले हफ्ते स्कूलों से कारण सहित डिटेल रिपोर्ट मांगी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की मदद से स्कूलों में टीकाकरण शिविर लगाए गए हैं, जिससे सभी बच्चों का टीकाकरण जल्दी हो। -प्रभजोत कौर, डीईओ, यूटी