चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी फरवरी में विद्यार्थियों की ऑफलाइन परीक्षाएं आयोजित करने की योजना बना रहा है। परीक्षा के लिए विद्यार्थियों को जनवरी में कैंपस में आने की अनुमति होगी। अधिकारी इस प्लान पर काम कर रहे हैं। यदि कोरोना और विकराल हुआ तो यह योजना निरस्त भी हो सकती है। हालांकि उम्मीद की जा रही है कि कोरोना के केस फरवरी तक कम होंगे। साथ ही वैक्सीन आने की भी पूरी संभावनाएं हैं। पीयू की परीक्षाएं टुकड़ों में होंगी। एक साथ सभी विद्यार्थियों को कैंपस बुलाना संभव नहीं होगा, क्योंकि विद्यार्थियों की संख्या के मुताबिक ही उनके लिए सुविधाएं भी की जाएंगी।
पीयू ने अपने कैंपस को विद्यार्थियों के लिए दिसंबर में खोलने की योजना बनाई थी। यह योजना पूरी तरह से सफल नहीं हो सकी, क्योंकि कोरोना केस अचानक बढ़े और मौतों का आंकड़ा भी बढ़ गया। हालांकि दिसंबर में उन शोधार्थियों को कैंपस में आने की अनुमति दे दी गई जो दो साल से रिसर्च कार्य में जुटे हुए थे। पीयू में दाखिले की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। कुछ विभागों ने ऑनलाइन पढ़ाई भी शुरू कर दी है। ऐसे में समय पर कोर्स पूरा होगा और परीक्षाएं भी एकेडमिक कैलेंडर के मुताबिक होंगी। कैलेंडर के मुताबिक परीक्षाएं फरवरी में आयोजित होनी हैं। उन्हीं परीक्षाओं को आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है। हालांकि अभी इस प्रस्ताव पर फाइनल मुहर नहीं लगी है। यह प्रस्ताव तैयार होकर वीसी के पास जाएगा। वहां से जो आदेश मिलेंगे उसके बाद ही कुछ आगे कदम बढ़ेंगे।
पेक के मॉडल से बन सकती है बात
सूत्रों का कहना है कि पीयू के अधिकारी पेक के मॉडल पर भी काम कर रहे हैं। पेक में रोस्टर के मुताबिक विद्यार्थियों को बुलाया जा रहा है। एक समय में 300 विद्यार्थियों को कैंपस में बुलाया जा रहा है। विद्यार्थियों के लिए हॉस्टल भी खोले जा रहे हैं। सप्ताह में तीन दिन परीक्षा हो रही हैं। उसके बाद कुछ दिन का अंतराल दिया जा रहा है। यह योजना ठीक बताई जा रही है। हालांकि इसमें परीक्षाएं अधिक दिनों तक चलेंगी। पीयू पेक के मॉडल पर विचार कर रही है, लेकिन फाइनल अफसरों को करना है।
एक साथ दो हजार विद्यार्थी आ सकते हैं कैंपस
फरवरी में परीक्षाएं ऑफलाइन होंगी तो एक साथ दो हजार विद्यार्थियों को कैंपस में बुलाया जा सकता है। इससे अधिक विद्यार्थियों के आने से छात्रावासों में भीड़ होगी और कैंपस में विद्यार्थियों के झुंड भी लग सकते हैं। ऐसे में कोविड एसओपी का पालन नहीं हो सकेगा, क्योंकि पहले ही कैंपस में कर्मचारी व अधिकारी कार्यालयों में आ रहे हैं। पीएचडी के भी 500 विद्यार्थी हैं। ऐसे में कैंपस भरा-भरा नजर आएगा।
क्या कहते हैं अधिकारी
फरवरी में ऑफलाइन परीक्षाएं आयोजित करने पर चर्चाएं चल रही हैं। इस प्लान को लागू किया गया तो कैंपस में जनवरी में विद्यार्थियों को बुलाया जा सकता है। हालांकि अभी यह प्लान बना नहीं है, चर्चा तक ही सीमित है। उच्च अधिकारियों के आदेश के बाद निर्णय लिया जाएगा। -प्रो. आरके सिंगला, डीयूआई पीयू