पटियाला से सांसद परनीत कौर ने सोमवार को लोकसभा में किसानों की अधूरी मांगों को उठाया। परनीत कौर ने कहा कि पिछले साल किसानों की मानी अधिकांश मांगों को केंद्र सरकार ने अब तक लागू नहीं किया है जबकि केंद्र और कृषि मंत्रालय के लिखित आश्वासन के बाद किसानों ने अपना धरना वापस लिया था।
परनीत कौर ने आगे कहा कि पंजाब के किसानों की वर्तमान वित्तीय स्थिति को देखकर केंद्र सरकार को उनके सभी कृषि ऋणों को माफ करना चाहिए। साथ ही एक एक नई व्यापक और प्रभावी फसल बीमा योजना भी लागू करनी चाहिए, क्योंकि हर साल बदलते मौसम में सूखे के कारण कई फसलें बर्बाद हो जाती हैं।
सांसद ने संसद में बिजली संशोधन विधेयक 2022 का मुद्दा भी उठाया और कहा कि केंद्र सरकार को विधेयक की समीक्षा करनी चाहिए। पिछले साल वादा किया गया था कि इसे किसानों के साथ गहन विचार-विमर्श के बाद ही पारित किया जाएगा, जो दुर्भाग्य से अभी तक नहीं हुआ है। परनीत कौर ने किसानों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग की। इसके साथ ही केंद्र सरकार से अपील की है कि लखीमपुर खीरी में किसानों की मौत के जिम्मेदार लोगों को सख्त सजा दी जाए। दिल्ली किसान आंदोलन में मरने वाले किसानों के परिवारों को मुआवजा व सरकारी नौकरी की भी मांग की।