9 गांवों की पंचायत ने दो परिवारों के बीच चल रही 11 साल पुरानी खूनी दुश्मनी को खत्म करवाकर मिसाल कायम की है। मामला है हरियाणा के कलानौर का। दोनों पक्षों के लोगों को गले मिलवाकर प्रेम और सोहार्द का संदेश दिया गया।
इस दौरान रंजिश का शिकार हुए बजरंग के परिवार को 21 लाख की आर्थिक मदद देने की घोषणा की गई। निगाना में 2004 में डिपो होल्डर किरोड़ीमल की गांव के ही दो युवकों द्वारा की गई हत्या के बाद लिखी गई खूनी इबारत का अंत 11 साल के बाद हुआ।
दो पक्षों को अमन चैन से रहने का पाठ सिखाने का काम किया 9 गांवों की पंचायत के मौजिज लोगों ने। निगाना में हुई पंचायत की अध्यक्षता सांगाहेडा के पूर्व सरपंच बद्रप्रसाद ने की।
रंजिश का शिकार हुए परिवार की आर्थिक मदद की जाएगी
संचालन गुढान के पूर्व सरपंच जोगेंद्र पहलवान ने किया। पंचायत दोनों पक्षों को दुश्मनी भूलाकर आपसी प्यार प्रेम से रहने का संदेश देकर फिर से बसने की दलील दी गई। पंचायत की ओर से यह भी फैसला सुनाया गया कि आपसी रंजिश का शिकार हुए बजरंग के परिवार की आर्थिक मदद भी की जाएगी।
तीन वर्ष पूर्व किरोड़ी पक्ष के लोगों ने किरोड़ी के हत्यारोपी के भाई बजरंग की बदला लेने के मकसद से हत्या कर दी थी। हत्या के आरोप में नामजद 16 लोग तीन साल से सलाखों के पीछे है। इस दौरान इन लोगों के परिवार बिखर गए। गांव से घर बार छोड़ना पड़ा। कौन कहां पनाह लिए हुए है कुछ पता नही।
इन परिवारों के बच्चों का भविष्य अंधकार में जाता देख सांगाहेडा, निगाना, कटेसरा, पिलाना, आंवल, काहनौर, खैरडी, लाहली, मसूदपूर की पंचायतों ने इन्हें फिर से गले मिलाने का काम कर एक मिसाल पेश की। पंचायत में पूर्व सरपंच भगवत दयाल, पूर्व सरपंच सुरेश गौड, बहादुर सिंह, आनंद सिंह, कृष्ण पहलवान, उमेद सिंह, राजसिंह सैकड़ों लोग उपस्थित थे।