प्रताप सिंह बाजवा रविवार को कैप्टन के गढ़ पटियाला पहुंचे। यहां उन्होंने पत्रकार वार्ता में पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह व सांसद परनीत कौर पर जमकर हमला बोला। बाजवा ने साफ शब्दों में कहा कि परनीत कौर अब न तो कांग्रेस का हिस्सा हैं और न ही कभी बन सकती हैं। कुछ तकनीकी कारणों और लोकसभा सदस्यता रद्द होने के डर से वह पार्टी छोड़कर नहीं जा रही हैं। मगर लोग भ्रम में न रहें कि परनीत कांग्रेस में हैं।
कांग्रेस आने वाले लोकसभा चुनाव में पटियाला से परनीत के विरोध में अपना उम्मीदवार मैदान में उतारेगी और उसे जितवाएगी। अब अगर परनीत कौर में थोड़ा सा भी आत्मसम्मान है तो वह खुद कांग्रेस को छोड़ दें। बाजवा ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री की ताकत कांग्रेस पार्टी ही थी। पार्टी से बाहर होते ही पहले ही चुनाव में उनकी करारी हार हुई है।
कैप्टन के खिलाफ जांच करें भगवंत मान
प्रताप सिंह बाजवा ने आगे कहा कि अगर सही मायनों में मुख्यमंत्री भगवंत सिह मान भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं तो वह हिम्मत दिखा कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ विजिलेंस की जांच शुरू करें। बाजवा ने पीएम मोदी को लिखे पूर्व कैबिनेट मंत्री काका रणदीप सिंह के पत्र का हवाला दिया। पत्र में कृषि उपकरणों की सब्सिडी में 3400 करोड़ रुपये के गबन का आरोप लगाया गया था।
खैरा को अनुशासन में रहना चाहिए
एक सवाल के जवाब में प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैरा को पार्टी अनुशासन में रहना होगा। उन्हें पार्टी प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को सलाह देने के बजाय अन्य नेताओं की तरह उनके आदेश का पालन करना होगा।
आप पर भी साधा निशाना
बाजवा ने कहा कि घोटालों में फंसे मनीष सिसोदिया व सतेंद्र जैन को पार्टी से बाहर न करना कई सवाल खड़े करता है। पंजाब सरकार को आड़े हाथों लेते हुए बाजवा ने कहा कि इस सरकार के पास तजुर्बे की कमी है। यही वजह है कि नशे का खात्मा नहीं हो पा रहा है। कहने को मोहल्ला क्लीनिक खोले गए हैं लेकिन पहले से चल रहे अस्पतालों में दवाओं व अन्य चिकित्सा सेवाओं की कमी से मरीज परेशान हैं।