1984 के सिख दंगों की आग में पंजाब आज तक सुलग रहा है। अब मुख्यमंत्री बादल ने एक नया ऐलान किया है। पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि वे 1984 के सिख कत्लेआम के आरोपियों को सजा दिलाकर रहेंगे।
बादल ने ऐलान किया कि जब तक ऐसा नहीं होगा, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। मुख्यमंत्री बादल ने कहा कि 1984 में योजनाबद्ध तरीके से सिखों का कत्ल किया गया। इतना ही नहीं कातिलों को मंत्री पद से भी नवाजा गया।
बादल ने बताया कि पंजाब के बच्चे-बच्चे को पता है कि 1984 में सिखों का कत्ल किसने किया था। बावजूद सरकार दोषियों को सजा देने में नाकाम रही। उन्होंने दंगों के दोषियों को सजा दिलवाने का वादा किया।
सिख कत्लेआम को ‘चौथा घल्लूघारा’ बताया
मुख्यमंत्री बादल दिल्ली के रकाबगंज गुरुद्वारा में 1984 के दंगों में मारे गए लोगों की याद में बनाए जाने वाले स्मारक का काम शुरू कराने के लिए पहुंचे थे।
मुख्यमंत्री बादल ने 84 के दंगे को पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने ‘चौथा घल्लूघारा’ बताया। उन्होंने कहा कि सिख इतिहास में सिखों ने चार घल्लूघारों का संताप झेला है, जिनमें से छोटा घल्लूघारा और बड़ा घल्लूघारा मुगल राज के समय घटित हुआ।
दो घल्लूघारे स्वतंत्र देश की हुकूमत के दौरान घटित हुए, जिनमें से पहला श्री हरमंदिर साहिब में ब्लू स्टार ऑपरेशन और दूसरा वर्ष 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दिल्ली सहित देश के अन्य हिस्सों में घटित हुआ। इसमें 5 हजार निर्दोष सिख अकेले दिल्ली और 10000 से अधिक पूरे देश में मारे गए।
सिख कत्लेआम की जांच को आयोग की मांग
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यादगार शहीदों की याद में श्रद्धांजलि और अन्य पीड़ितों की बहादुरी को सजदा होगा, जिन्होंने इस घिनौने कांड में अपनी बहुमूल्य जाने गंवाईं और रोजी-रोटी के स्त्रोतों से वंचित हो गए। यह यादगार दीवारनुमा स्मारक होगी। जिस पर जान गंवाने वाले लोगों के नाम लिखे होंगे।
आरोपियों के लिए कठोर सजाएं और पीड़ितों को पुनर्वास के लिए शिअद-भाजपा गठजोड़ की मांग को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से मांग की कि 1984 के सिख कत्लेआम की समूची जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के जज के नेतृत्व में एक जांच आयोग स्थापित किया जाए।
गुरुद्वारा रकाबगंज में स्मारक निर्माण का काम शुरू
दिल्ली के गुरुद्वारा रकाबगंज में निर्माण कार्य शुरू होने के मौके पर पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल, केंद्रीय वित्त और रक्षा मंत्री अरुण जेटली, हरसिमरत कौर, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतीश उपाध्याय, सांसद मीनाक्षी लेखी समेत कई नेता उपस्थित थे।
अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह, तख्त श्री पटना साहिब के जत्थेदार ज्ञानी इकबाल सिंह, तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी मल सिंह, दमदमी टकसाल के प्रमुख बाबा हरनाम सिंह खालसा एवं निहंग जत्थेबंदी बाबा बूढ़ा दल के प्रमुख बाबा बलबीर सिंह और कारसेवा वाले बाबा बचन सिंह ने कारसेवा टोकरी सिर पर ढोकर निर्माण कार्य की शुरुआत की।
पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को स्मारक बनाने के फैसले पर बधाई दी। साथ ही शिरोमणि अकाली दल की बाजू मजबूत करने व पंथ में एकता-भाईचारा कायम करने की भी अपील की।
उन्होंने कहा कि इस मौके गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके ने बताया कि फव्वारे के बीच एक लेजर लाइट लगाई जाएगी। जिसकी रोशनी की दूरी आसमान की ओर पांच मील ऊपर तक जाएगी।