पंजाब को नशा मुक्त राज्य बनाने के अपने दावे को दोहराते हुए मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने शनिवार को कहा कि इस काम में लोगों के सहयोग की जरूरत है।
लंबी विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में संगत दर्शन कार्यक्रमों में सीएम ने कहा कि नशावृत्ति को मिटाने में पंचायतें अहम भूमिका निभा सकती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, सरकार ने प्रदेशभर में ड्रग्स डी-एडिक्शन और पुनर्वास केंद्र स्थापित करते हुए नशे के खिलाफ अभियान शुरू कर रखा है। इसे मुकाम तक पहुंचाकर ही दम लिया जाएगा।
अकाली-भाजपा गठबंधन को बताया मजबूत
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए बादल ने कहा कि अकाली-भाजपा गठबंधन मजबूत है और इस संबंध में किसी के मन में कोई संदेह नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि वह प्रदेश के मुखिया हैं और राज्य की भलाई के लिए जब वे चाहें प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों को मिल सकते हैं। अगर इन बैठकों के दौरान कोई उनके साथ जाना चाहते हैं तो उन्हें कोई ऐतराज नहीं है।
अलग एसजीपीसी के मुद्दे पर कांग्रेस को लपेटा
हरियाणा में अलग सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के गठन पर हुड्डा सरकार की कोशिशों को मुख्यमंत्री बादल ने कांग्रेस की बांटो और राज करो की नीति बताया।
उन्होंने कहा कि ऐसा करके कांग्रेस सिखों को बांटने की कोशिश कर रही है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बादल ने कहा कि एसजीपीसी सिखों की सर्वोच्च संस्था है और किसी को भी इसे बांटने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
किसानों को पूरी बिजली देने की कही बात
एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि चालू धान सत्र के दौरान किसानों को निर्बाध रूप से बिजली सप्लाई देने की व्यवस्था की गई है।
फिर भी तापमान के बढ़ने की वजह से बिजली की मांग व उपलब्धता में अंतर पाया जा रहा है। इस कमी को पूरा करने की पूरी कोशिश की जा रही है।