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जो बचपन में बेसहारा, अब बनीं 60 बच्चियों का सहारा

Fri, 16 Jan 2015 05:40 PM IST
सुरिंदर पाल/अमर उजाला, जालंधर
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मीडिया से दूर रहने वाली प्रकाश कौर को 60 साल पहले बचपन में उनके अभिभावक गली में छोड़ गए थे। बचपन के दर्द ने आज उन्हें 64 बच्चियों का सहारा बना दिया है।
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उन्होंने ‘यूनीक होम’ के नाम से बच्चियों के लिए घर बना रखा है, जिसके बाहर पंगूड़ा (झूला) लगा है और ऐसे अभिभावक भी हैं जो बेटियों को वहां पर पंगूड़े में डाल जाते हैं। आज आमिर खान, नीता अंबानी और हरसिमरत कौर बादल जैसी हस्तियां उनकी मुरीद हैं।
नवजात बच्चियों की खुद देखभाल करना, उनके लिए रोटियां तक बनाना और कपड़े बदलना, बस इसी दिनचर्या में प्रकाश कौर का जीवन बीतता है।

प्रकाश कौर को खुद अपने अभिभावकों के बारे में पता नहीं है, उनको भी बेसहारा छोड़ दिया गया था और वह नारी निकेतन में पली-बढ़ी हैं। अमृतधारी सिख महिला प्रकाश कौर के मन में 1993 में एक कसक पैदा हुई, जिसका फल है कि उनके आंगन में आज 64 बच्चियां पल रही हैं। उनके यहां पली बढ़ीं कई बेटियों को उन्होंने शादी करके ससुराल भेज दिया है।
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इतनी बड़ी जिम्मेदारी और चेहरे पर कोई थकावट नहीं। कहती है कि यह ऊपरवाले का काम है, जब उसने जिम्मेदारी दी है तो हिम्मत भी वही देगा। आज भी सप्ताह के सातों दिन में वह तीन बार अपने हाथ से बच्चों के लिए चपाती बनाती हैं।

बच्चियों को गोद भी नहीं देतीं प्रकाश कौर

प्रकाश कौर ने इस कार्य को चलाने के लिए भाई कन्हैया ट्रस्ट का गठन कर रखा है और पहला फैसला लिया कि ‘यूनीक होम’ से किसी लड़की को गोद नहीं दिया जाएगा।

उसकी परवरिश कर उसे पढ़ाया जाएगा और पैरों पर खड़ा किया जाएगा। यूनीक होम की बच्चियां शहर के नामवर स्कूलों एमजीएम, सेंट जोसेफ, गुरु अमरदास पब्लिक स्कूल, पुलिस डीएवी स्कूल के अलावा मंसूरी स्थित स्कूलों में शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। करीब 17 लड़कियों की शादी हो चुकी है। वे लगातार उनसे एक मां की तरह संपर्क रखती हैं।

24 अप्रैल का दिन यूनीक होम के लिए काफी खास होता है। इस दिन सब बच्चियों का जन्मदिन होता है।100 किलो का केक बनवाया जाता है और उसको काटकर जश्न मनाया जाता है।
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नीता अंबानी, आमिर खान व हरसिमरत कौर भी हैं प्रशंसक

गर्मियों की छुट्टियों में बच्चियों को दार्जिलिंग ले जाया जाता है। बच्चियों के अंदर मजबूती पैदा की जाती है ताकि वह आगे जमाने के साथ जंग लड़ सकें।
 
नीता अंबानी ने जब प्रकाश कौर के बारे में सुना तो वह खुद 23 फरवरी 2012 को जालंधर प्रकाश कौर से मिलने पहुंचीं। बच्चियों के साथ वक्त बिताया और कहा कि वह इन लम्हों को कभी भूल नहीं सकतीं। बीबी हरसिमरत कौर बादल भी खुद प्रकाश कौर से मिलने उनके युनीक होम आ चुकी हैं।

सीएनएनआईबीएन ने प्रकाश कौर 2011 में रियल हीरो का अवार्ड देकर सम्मान दिया तो वहीं सत्यमेव जत्यते कार्यक्रम में आमिर खान खुद प्रकाश के लिए तालियां बजा चुके हैं और उनसे मुलाकात कर चुके हैं।
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