चंडीगढ़। यूटी पावरमेन यूनियन चंडीगढ़ की कार्यकारिणी की बैठक बुधवार को सेक्टर-17 में हुई। बैठक की अध्यक्षता यूनियन के प्रधान ध्यान सिंह ने की।
बैठक में मुनाफे में चल रहे बिजली विभाग के निजीकरण पर अडिग केंद्र सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन की आलोचना की गई। साथ ही बिजली विभाग के निजीकरण के खिलाफ चल रहे संघर्ष को और तेज करने का फैसला किया गया। बैठक में फैसला लिया गया कि अक्तूबर में बिजली कर्मचारी हड़ताल करेंगे। साथ ही दशहरा और दिवाली पर ड्यूटियों का बहिष्कार करने का फैसला लिया गया। हड़ताल की तारीख की घोषणा बाद में की जाएगी।
यूटी पावरमेन यूनियन के महासचिव गोपाल दत्त जोशी ने बताया कि संघर्ष की कड़ी में सभी कार्यालयों के सामने रैलियां, प्रदर्शन होंगे। जत्था मार्च निकालकर जनता को पंफ्लेट बांटने और तख्तियां व बैनर लगाकर निजीकरण के खिलाफ जागृत करने का फैसला किया। बैठक में तय हुआ कि संपर्क की मुहिम जारी रखते हुए सभी राजनीतिक पार्टियों व मोहल्ला समितियों को ज्ञापन देने का सिलसिला जारी रहेगा।
बैठक में पंजाब बंद का किया समर्थन
बैठक में 25 सितंबर को किसानों द्वारा किए जा रहे पंजाब बंद को समर्थन देने के साथ ही संघर्ष में शामिल होने का भी फैसला किया गया। बैठक में 29 सितंबर को सभी कार्यालयों में रोष रैली करने का फैसला करने लिया गया।