इन स्थितियों में पावरकॉम को अपने खर्च पूरा करने के लिए बैंकों व अन्य वित्तीय संस्थाओं से कर्ज लेना पड़ रहा है। आंकड़ों के मुताबिक पावरकॉम पर इस समय 18000 करोड़ का बैंकों व अन्य वित्तीय संस्थाओं का कर्ज चढ़ा है। इस कर्जे पर पावरकॉम को सालाना 1500 करोड़ का अकेले ब्याज ही अदा करना पड़ रहा है। ऐसे में अब पंजाब सरकार ने बजट में भले ही हरेक खपतकार के लिए 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की घोषणा करके लोगों को खुश कर दिया हो लेकिन इससे पावरकॉम की आर्थिक मुश्किलें बढ़ेंगी। माहिरों के मुताबिक प्रत्येक खपतकार को 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने से पावरकॉम पर सालाना अतिरिक्त 4000 करोड़ का आर्थिक बोझ पड़ेगा।
एडवांस में हो सब्सिडी का भुगतान: इंजीनियर्स एसोसिएशन
पीएसईबी इंजीनियर्स एसोसिएशन के महासचिव इंजीनियर अजयपाल सिंह अटवाल के मुताबिक पावरकॉम को सरकार की तरफ से किसी भी वर्ग को सब्सिडी देने पर कोई एतराज नहीं है। बशर्ते सब्सिडी का भुगतान समय पर हो लेकिन ऐसा नहीं हो पाता है। सरकार को चाहिए कि पावरकॉम की आर्थिक मुश्किलों को देखते हुए सब्सिडी राशि का एडवांस में भुगतान किया जाए। सरकार लंबित 9000 करोड़ की सब्सिडी का भी भुगतान करे। बजट में इस संबंधी सरकार ने कुछ नहीं कहा और न ही बजट में कोई प्रावधान किया। आगे कहा कि अगर सरकार ने ऐसा न किया तो फिर पावरकॉम को सैलरी दे पाना मुश्किल हो जाएगा।