पंजाब के सरकारी कर्मचारी संगठनों ने किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए बुधवार को पंजाब सिविल सचिवालय में दोपहर को एक रैली निकाली। इसमें कर्मचारियों ने किसानों के आंदोलन में हिस्सा लेने का प्रस्ताव पारित किया। इसी कड़ी में पंजाब सिविल सचिवालय निजी स्टाफ एसोसिएशन की ओर से 5000 रुपये, पंजाब सिविल सचिवालय ऑफिसर्स एसोसिएशन की ओर से 5000 रुपये का योगदान देते हुए किसानों के समर्थन का एलान किया गया।
पंजाब सिविल सचिवालय स्टाफ एसोसिएशन और वित्त एवं योजना भवन के कर्मचारियों के संगठन ने भी 5000-5000 रुपये का योगदान देने का एलान किया। इसके साथ ही कर्मचारियों ने सर्वसम्मति से यह फैसला लिया कि वे दिल्ली में किसानों के संघर्ष में जाकर पानी, दवाएं और अन्य आवश्यक वस्तुएं किसानों को मुहैया कराएंगे।
कर्मचारी नेताओं ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के किसान आंदोलन को खालिस्तान से जोड़ने संबंधी बयान की कड़ी निंदा की है। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन देश के हर किसान और आम नागरिक का है और इसे किसी धर्म से जोड़कर लोगों के दिलों में जहर घोलने की कोशिश न की जाए। इस मौके पर एसोसिएशन के प्रधान सुखचैन सिंह खैरा ने पंजाब सिविल सचिवालय स्टाफ एसोसिएशन का नए सिरे के गठन करने के लिए कर्मचारियों से विकल्प मांगे गए।