चंडीगढ़ में बिजली कर्मचारी एक बार फिर संघर्ष की राह पर चलने को तैयार हैं। दिवाली के दिन शहर के 14 शिकायत केंद्रों पर चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारियों का पुतला जलाया जाएगा। यूटी पावनमैन यूनियन के महासचिव गोपाल दत्त जोशी ने बताया कि यह फैसला प्रशासन के अड़ियल रवैये के कारण लिया गया है।
उन्होंने कहा कि सभी विभागों में संशोधित वेतनमान लागू हो चुका है। पहली जनवरी 2016 से एरियर का भुगतान भी हो चुका है लेकिन बिजली विभाग के कर्मचारियों के मामले में दोहरा मापदंड अपनाया जा रहा है। पहले प्रशासन ने संशोधित वेतनमान के सर्कुलर को लागू करने में 6-7 महीने लगाए। अब कर्मचारियों का वेतन निर्धारण करने में संबंधित अधिकारी रोज बहाने ढूंढ रहे हैं। अभी भी 30 प्रतिशत से अधिक कर्मचारियों का वेतन संशोधित नहीं किया है। एरियर का भुगतान तो दूर की बात है।
मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को पेंशन दी जाए
नियमित कर्मचारियों की गिनती संशोधित पदों के एक तिहाई से भी कम रह गई है। यूनियन ने मांग की है कि तीन साल काम कर चुके कर्मचारियों को नियमित किया जाए। इसी प्रकार सुरक्षा उपकरण देने, प्रोबेशन क्लीयर करने, वर्दियां देने व मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को पेंशन व ग्रेच्युटी के लंबित पड़े केस क्लीयर करने की मांग की है।