20 डिग्री तापमान में अच्छी वृद्धि करते हैं पौधे
केसर का उत्पादन सर्दी, गर्मी और बारिश तीनों ही किस्म की जलवायु में होता है। सर्दियों में पड़ने वाली बर्फ और गीला मौसम इसके फूलो में होने वाली वृद्धि को रोक देता है। बाद में नए फूल अधिक मात्रा में निकलते हैं, जो इसके लिए काफी अच्छा होता हैं। जब सूर्य की गर्मी से बर्फ पिघलने और जमीन सूखने लगती है, तब इसके पौधों में फूल आना शुरू होते हैं। इन्हीं फूलों में केसर लगता है। लगभग 20 डिग्री के तापमान पर इसके पौधे अच्छे से वृद्धि करते हैं और 10 से 20 डिग्री के तापमान पर इसके पौधे फूल बनाने लगते हैं।
पिछले वर्ष के मुकाबले दोगुना क्षेत्र में काम
डॉ. पाती के अनुसार हमारी ओर से कश्मीरी मोंगरा और अमेरिकन केसर दोनों प्रजातियों पर काम किया जा रहा है। दोनों के अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं। इस बार कैंपस में पिछले वर्ष के मुकाबले दोगुना क्षेत्र को केसर की खेती के तहत रिसर्च में लाया जा रहा है। केसर की फसल लगभग छह महीने में तैयार हो पाती है। अच्छी गुणवत्ता के लिए केसर के बीजों को सही समय पर लगाना बहुत जरूरी होता है, क्योंकि अच्छी गुणवत्ता के आधार पर ही केसर की बिक्री होती है।
अक्तूबर-नवंबर का मौसम अनुकूल
अगस्त की शुरुआत में इन बीजों को लगाना सबसे अच्छा माना जाता है। अगस्त के मौसम में बीजों को लगा देने के बाद सर्दियों के शुरुआती मौसम में इसके पौधे केसर देने के लिए तैयार हो जाते है। इससे ज्यादा सर्दी में केसर के खराब होने का खतरा नहीं होता है। पंजाब में अगर खेती करनी है तो अक्तूबर-नवंबर का मौसम अनुकूल है। शोध के अनुसार दो वर्षों के बाद पंजाब की धरती पर भी केसर की फसल लहरा पाएगी।