पंजाब यूनिवर्सिटी की बदहाल वित्तीय स्थिति को लेकर चिंता जाहिर करते हुए हाईकोर्ट ने सख्त लहजे में कहा कि डीयू और जेएनयू को टक्कर देने वाली यूनिवर्सिटी को क्यों खंडहर बनाने पर सभी तुले हैं। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार समेत सभी को आदेश दिए हैं कि जिनकी ओर से फंड आना बाकी है वे सभी फंड रिलीज करें। साथ ही सभी पक्षों को इस पर अपना हलफनामा सौंपने के भी आदेश दिए हैं।
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि वर्तमान में मौजूद फंड से पीयू को चलाना मुश्किल हो गया है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि गौरवमय इतिहास वाली ऐसी यूनिवर्सिटी जो अपनी काबिलियत के दम पर डीयू और जेएनयू को टक्कर दे रही है, उसे कैसे बंद होने दिया जा सकता है। अगर स्थिति ऐसी ही रही तो यह खंडहर में तब्दील हो जाएगी।
पंजाब सरकार आगे आकर ग्रांट में बढ़ोत्तरी करे
इससे पहले हाईकोर्ट को बताया गया था कि कई नेता पीयू के लिए आगे आए हैं । इस पर हाईकोर्ट ने कहा था कि नेता सिर्फ घोषणाएं करने भर के लिए हैं या कोई कार्रवाई भी करेंगे। घोषणाओं से पीयू की वित्तीय स्थिति में सुधार नहीं होने वाला है। पंजाब सरकार को चाहिए कि अब वो आगे आकर पीयू को दी जा रही ग्रांट में बढ़ोतरी करे। पर पंजाब सरकार है की इस मामले में कुछ भी करने को तैयार नहीं है।