एक्यूआई पिछले साल 276 और इस साल तीन नवंबर को 386 है। कुरुक्षेत्र में पराली जलाने के पिछले साल 404 मामले थे। इस बार अब तक 365 मामले सामने आए हैं। वहीं पिछले साल 197 एक्यूआई था जबकि इस साल अधिकतम 324 रिकॉर्ड किया गया। पानीपत में पिछले साल 252 मामले सामने आए। इस बार अब तक 32 की सूचना मिली, छह पुष्टि नहीं हो पाई और 26 पर 72 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। एक्यूआई पिछले साल आज के दिन 235 था और आज 379 है।
मौसम विभाग के अधिकारियों ने तीन नवंबर को प्रदूषण का स्तर बेहद खराब रहने की संभावना जताई थी। हालात भी वही बने हुए हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पांच नवंबर को प्रदूषण इससे भी ज्यादा खराब हो सकता है।
बढ़ते प्रदूषण पर सख्त एक्शन
सोनीपत में निगम अधिकारियों ने प्रदूषण फैलाने वालों पर 60,500 रुपये जुर्माना लगाया है। टीम ने मॉडल टाउन में चल रहे दो स्थान पर निर्माण कार्य को रुकवाया। साथ ही 20-20 हजार जुर्माना लगाया। गोहाना रोड पर निर्माण सामग्री खुले में डालने पर 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया। और सड़क किनारे मलबा डालने वाले पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया।
फतेहाबाद में सबसे अधिक जली पराली
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक गुरुवार को हिसार में पराली जलाने के चार, फतेहाबाद में 48 और सिरसा में 11 मामले सामने आए हैं। प्रदेश में कुल 128 पराली जलाने के मामले सामने आए। एक तुलना के मुताबिक तीन नवंबर 2021 को 197 पराली जलाने के मामले सामने आए थे। अब तक प्रदेश में 2300 से अधिक स्थानों पर पराली जलाई जा चुकी है। सरकार का दावा है कि पिछले साल और पंजाब के मुकाबले इस बार प्रदेश में कम स्थानों पर पराली जलाई गई है।
हरियाणा के शहरों का एक्यूआई
- शहर एक्यूआई
- रोहतक 443
- गुरुग्राम 440
- भिवानी 440
- जींद 426
- फरीदाबाद 382
- पानीपत 369
- सोनीपत 354
- हिसार 332