अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल पर हमले को लेकर पंजाब में राजनीति गरम है। केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने सुखबीर बादल पर हुए हमले को लेकर शिरोमणि अकाली दल पर तंज कसा है।
बिट्टू ने कहा कि उनके दादा बेअंत सिंह के हत्यारे बलवंत सिंह राजोआना को बिक्रम सिंह मजीठिया गले लगा चुके हैं। अब उन्हें नारायण सिंह चौड़ा को भी गले लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सुखबीर ने बेअदबी के आरोपों को अकाल तख्त के समक्ष स्वीकार किया। बेअदबी के मामले से आहत चौड़ा ने भावनाओं में बहकर गोली चलाई है क्योंकि गुरु ग्रंथ साहिब से ऊपर कुछ भी नहीं है। इसमें आतंकवाद व खालिस्तान का कोई एंगल नहीं है।
उन्होंने शिअद को सलाह दी कि चौड़ा कौम का हीरा है और उसकी फोटो को म्यूजियम में भी लगाना चाहिए। साथ ही चौड़ा को बंदी सिखों की सूची में शामिल कर शिअद को खुद उनकी रिहाई के लिए आवाज उठानी चाहिए, जैसा कि अन्य बंदी सिखों की रिहाई के लिए शिअद करता रहा है।
बिट्टू ने कहा कि अकाली नेता मजीठिया बेअंत सिंह की हत्या में शामिल रहे राजोआना की बहन को जेल में लेकर जाते थे, वैसे ही अब उन्हें चौड़ा के लिए फल व जरूरी सामान लेकर जाने चाहिए। उनकी सेहत का ख्याल रखना चाहिए जबकि पूछताछ के लिए बुजुर्ग से पूछताछ के लिए जेल में मारपीट की जा रही है। हालांकि बिट्टू ने स्वर्ण मंदिर में हुए इस हमले की निंदा भी की। उन्होंने कहा कि गुरुघर में इस तरह की घटना नहीं होनी चाहिए। गोली चलाने या कानून हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं है।
सुखबीर पर कातिलाना हमले के पीछे आप का हाथ: मजीठिया
शिअद के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने आरोप लगाया है कि सुखबीर बादल पर हुए जानलेवा हमले के पीछे आम आदमी पार्टी की सरकार का हाथ है। इसको लेकर जल्द ही शिरोमणि अकाली दल वीडियोग्राफी सबूत पेश करेगा।
मजीठिया ने कहा कि पार्टी अमृतसर के पुलिस आयुक्त गुरप्रीत सिंह भुल्लर और एसपी हरपाल सिंह रंधावा के साथ-साथ अन्य पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी मामला दर्ज करने की मांग करेगी, जिन्होंने बब्बर खालसा इंटरनेशनल के आतंकी नारायण सिंह चौड़ा की सुखबीर बादल के पास पहुंचने और नजदीक से गोली मारकर उनकी हत्या का प्रयास करने में मदद की थी। मजीठिया ने श्री हरिमंदिर साहिब परिसर में विस्तृत सीसीटीवी फुटेज जारी की, जिसमें एसपी हरपाल रंधावा परिसर में न केवल नारायण चौड़ा से हाथ मिलाते हुए दिख रहे हैं, बल्कि चौड़ा के कान में फुसफुसाते हुए दिख रहे हैं।
अकाली नेता ने वह फुटेज भी जारी की, जिसमें वह सुखबीर बादल को अलग करने की कोशिश में लगे हुए हैं तथा जिसमें उन्होंने नौजवान नेता परमबंस रोमाणा और बादल के साथ खड़े अन्य नौजवानों को पीछे धकेला जब वह बादल के साथ लंगर में सेवा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि पुलिस अधिकारी एक स्क्रिप्ट के अनुसार काम कर रहा था, जिसका मकसद नारायण चौड़ा के मकसद को पूरा करना था।