लॉरेंस बिश्नोई और मुख्तार अंसारी।
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पंजाब में गैंगस्टरों को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस लॉरेंस बिश्नोई को लेकर उग्र रुख अपनाए हुए हैं। जबकि सत्ताधारी दल आम आदमी पार्टी यूपी के गैंगस्टर मुख्तार अंसारी को जेल में वीआईपी ट्रीटमेंट दिए जाने की जांच में जुटी हुई है। शिअद ने दोनों मामलों में केंद्र से दखल देने को कहा है। शिअद ने केंद्र से इन मामलों की जांच एनआईए से कराने की मांग की है।
पंजाब विधानसभा के चल रहे सत्र में भी गैंगस्टरों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं के बीच घमासान मचा हुआ है। इस घमासान में शिरोमणि अकाली दल कूद पड़ा है। शिअद की युवा विंग के अध्यक्ष परमबंस सिंह रोमाणा ने दोनों दलों की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं। रोमाणा ने कहा है कि दोनों ही दल गैंगस्टरों को लेकर अपने अपने राजनीतिक स्वार्थ सिद्ध करने में लगे हैं। कांग्रेस गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को लेकर तो आम आदमी पार्टी मुख्तार अंसारी को लेकर उग्र है। रोमाणा ने ट्वीट कर दोनों मामलों में केंद्रीय एजेंसी एनआईए से जांच कराने की मांग की है।
जेल मंत्री के बयान से गरमाया मुद्दा
पंजाब के जेल मंत्री हरजोत बैंस की ओर से मुख्तार अंसारी का मुद्दा विधानसभा में उठाए से मामला गरमा गया। उन्होंने आरोप लगाया है कि मुख्तार को बचाने के लिए तत्कालीन सरकार ने 55 लाख रुपये सरकारी खजाने के खर्च कर दिए। सरकार इसकी जांच करा रही है। कांग्रेस ने इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई और दिल्ली में तिहाड़ जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई को लेकर दिल्ली सरकार पर आरोप लगाए।