दिल्ली में किसान परेड के दौरान लाल किले पर झंडा लगाने की घटना से पंजाब में सियासी बवाल खड़ा हो गया है। दिल्ली पुलिस ने इस घटना के लिए जिन दो लोगों को अन्य व्यक्तियों के साथ नामजद किया है, उनमें एक दीप सिद्धू है। सिद्धू को भाजपा कार्यकर्ता बताया जा रहा है। दूसरा आरोपी कांग्रेस नेता व मौजूदा वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल की पंजाब पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ चुका लक्खा सिधाना है।
वहीं दोपहर बाद पंजाब कांग्रेस ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक टीवी चैनल का क्लिप जारी करके यह साबित करने का प्रयास किया कि लाल किले में झंडा लगाने वालों में आम आदमी पार्टी का कार्यकर्ता अमरीक सिंह शामिल था।
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पंजाब भाजपा ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और आम आदमी पार्टी पर देश विरोधी ताकतों को उकसाने का आरोप लगाया। हालांकि भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष अपनी पार्टी के कार्यकर्ता दीप सिद्धू के बारे में चुप्पी साधे रहे। पंजाब के किसान संगठनों ने ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा की निंदा करते हुए इसे किसानों को बदनाम करने की सियासी दलों की साजिश करार दिया है।
आरोप है कि दीप सिद्धू ने ही ट्रैक्टर रैली को तय मार्ग से रिंग रोड की तरफ मोड़ा और लाल किले तक पहुंच गए। लाल किले पर दीप सिद्धू ने न सिर्फ झंडा फहराया बल्कि इस पूरे प्रकरण में लक्खा सिधाना ने भी अहम भूमिका निभाई। इस समय दीप सिद्धू की भाजपा सांसद सनी देओल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ फोटो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। एक तस्वीर में वह केंद्रीय मंत्री अमित शाह के साथ नजर आ रहे हैं। दूसरी तरफ आपराधिक रिकार्ड वाले गैंगस्टर से समाज सेवक बने लक्खा सिधाना लाल किले पर युवाओं का नेतृत्व करते नजर आए।
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इन खुलासों के बाद बुधवार दोपहर तक किसी भी सियासी दल ने न तो अपने बचाव में और न ही विरोधी दल पर कोई टिप्पणी की। सांसद सनी देओल ने ट्वीट कर दीप सिद्धू से अपने संबंधों का खंडन करते हुए लिखा- उनका और उनके परिवार का दीप सिद्धू से कोई संबंध नहीं है। कांग्रेस और मनप्रीत बादल की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई लेकिन सांसद रवनीत सिंह बिट्टू ने ट्वीट कर इस घटना का खालिस्तानियों की साजिश करार दिया।
बिट्टू ने आरोप लगाया कि किसान आंदोलन की आड़ में दीप सिद्धू अपना एजेंडा चला रहा है और उसके लोगों ने सोमवार रात को ही किसानों के कई ट्रेक्टरों पर कब्जा कर लिया था। दीप सिदधू के प्रतिबंधित सिख फार जस्टिस (एसएफजे) से संबंधों का आरोप लगाते हुए रवनीत ने आरोप लगाया है कि सोमवार रात को ही एसएफजे ने हिंसा की योजना बना ली थी। रवनीत ने अपने ट्वीट में लक्खा सिधाना का कहीं जिक्र नहीं किया।