पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने एसवाईएल के लिए पंजाब में जमीन का सर्वेक्षण करने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पंजाब के पास किसी को देने के लिए अतिरिक्त पानी नहीं है, इसलिए सर्वे कराने का सवाल ही नहीं उठता। पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजिंदर कौर भट्ठल ने कहा कि पंजाब सरकार इस मामले को लेकर गंभीर नहीं है। इससे पहले भी आम आदमी पार्टी का इस मुद्दे पर दोहरा रवैया रहा है।
शिअद ने आरोप लगाया है कि भगवंत मान ने नदी जल मामले पर पंजाब के दावों को लेकर डेथ वारंट पर हस्ताक्षर कर दिए हैं और पंजाब में एसवाईएल के निर्माण के लिए सुप्रीम कोर्ट में मुख्यमंत्री के रूप में अपनी जल्दबाजी आधिकारिक तौर पर व्यक्त कर दी है। पार्टी ने ट्वीट कर कहा कि भगवंत मान ने यह स्वीकार कर कम से कम सच बोला कि केवल विपक्ष (शिरोमणि अकाली दल) ही उन्हें एसवाईएल के निर्माण से रोक रहा है।
उन्होंने शीर्ष अदालत से एसवाईएल के लिए किसानों से जमीन हड़पने का भी वादा किया है, जिसे प्रकाश सिंह बादल पहले ही किसानों को लौटा चुके हैं। शिअद के सीनियर नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने शीर्ष अदालत में इस विवाद को किसानों की पीठ में छुरा घोंपने जैसा करार देते हुए कहा कि हम एसवाईएल नहर के निर्माण का विरोध करते हैं, जिसका निर्माण केवल हमारी लाशों पर किया जाएगा। हम आप सरकार को चुनौती देते हैं कि यह बात सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचाए। पंजाबी और अकाली दल किसी भी कीमत पर राज्य के नदी जल को हरियाणा को सौंपने की अरविंद केजरीवाल की साजिश को कभी सफल नहीं होने देंगे।