हरियाणा विधानसभा चुनाव में मुद्दों के ऊपर नारे हावी रहेंगे। भाजपा मोदी के चेहरे को आगे कर दांव खेलने की तैयारी में है, जबकि कांग्रेस हरियाणा के विकास की गाथा नारों के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने में जुट गई है।
इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) ने नारों के अलावा और भी बहुत कुछ प्रचार सामग्री चुनावी मैदान में झोंक दी है। वैसे भी हरियाणा की राजनीति अन्य राज्यों से हर चुनाव में दिलचस्प रही है। चाहे लोकसभा चुनाव हो या विधानसभा चुनाव।
लोकसभा की तरह हरियाणा विधानसभा चुनाव में भी भाजपा को मोदी मैजिक की पूरी उम्मीद है। इसीलिए भाजपा ने इस चुनाव की वैतरणी को भी मोदी के सहारे पार करने की रणनीति बनाई है।
हालांकि भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा नहीं होने के कारण प्रत्याशी अपने क्षेत्र में सबका साथ-सबका विकास, भ्रष्टाचार मुक्त हरियाणा और जन-जन की यही पुकार, अबकी बार भाजपा सरकार का नारा दे रहे हैं।
हुडडा चाहे तीसरी बार, बाकी दल अबकी बार
नारों में महारथ हासिल कर चुकी कांग्रेस ने पूर्व में भी जात पे ना पात पे, इंदिरा जी की बात पे, मुहर लगेगी हाथ पे और हर खेत को पानी हर हाथ को काम जैसे नारे देकर चुनावी जंग जीती है। अब हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा कांग्रेस की इसी पुरानी रणनीति को नयापन देते हुए प्रचार मैदान में टिके हुए हैं।
खास तौर पर सत्ताधारी दल अपनी सरकार का गुणगान करने में कभी पीछे नहीं रहे। राज्य का मतदाता भली प्रकार से जानता है कि 2009 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री हुड्डा ने नंबर वन हरियाणा का नारा दिया था। जो काफी चर्चित रहा। इसी में थोड़ा से बदलाव करते हुए इस दफा हुड्डा ने सबसे अच्छा हरियाणा का नारा दिया है।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री की चुनावी सभाओं में इन दिनों शराफत और विकास, इसी में है जनता का विश्वास का नारा भी जोरशोर से चल रहा है। मुख्यमंत्री के समर्थक भी इन दिनों हुड्डा सरकार-तीसरी बार और हुड्डा चाहें तीसरी बार, बाकी दल कहें अबकी बार का नारा बुलंद किए हुए हैं।
हजकां : समान विकास, समान रोजगार
भाजपा से नाता तोड़कर अपने दम पर चुनाव मैदान में ताल ठोक रही हरियाणा जनहित कांग्रेस (हजकां) ने मतदाताओं को लुभाने के लिए समान विकास-समान रोजगार का नारा दिया है।
इसी प्रकार हरियाणा लोकहित पार्टी (हलोपा) ने जन जन का सम्मान, लोकहित में काम का नारा बुलंद किया है। पार्टी के अध्यक्ष गोपाल कांडा ने मतदाताओं को लुभाने के लिए कई अहम चुनावी वादे भी किए हैं। लेकिन उन्होंने दावा किया है कि ये वादे नहीं इरादे हैं।
इनेलो : किसानों के साथ चौटाला
दस सालों से सत्ता से दूर रहने वाली इनेलो ने भी इस चुनाव में पूरी ताकत झोंक दी है। पार्टी ने अपने नारे ठेठ हरियाणवी अंदाज में पेश किए हैं। जो बैनर, पोस्टर के अलावा सोशल मीडिया में भी छाए हुए हैं।
सारी पार्टियों के झाड़ा चढ़ गया चौटाला साहब के बार आने में, चंडीगढ़ में रुका पाटा धूम मची हरियाणे में और बहुत किया भ्रष्टाचार, इब के ना आती गुलाबी गैंग सरकार।
झूठी सरकार, झूठा प्रचार-बस भी करो गुलाबी गैंग सरकार। अबकी बार चौटाला सरकार और किसानों का साथी चौटाला आदि के नारों ने चुनावी माहौल को गरम कर दिया है।