हरियाणा के 60 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को रोडवेज बसों में टिकट लेनी ही होगी। हरियाणा, दिल्ली और चंडीगढ़ में ही बिना टिकट यात्रा की छूट मिलेगी। पंजाब, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश राज्यों में मामलों की तफ्तीश व सरकारी कार्य के लिए जाने पर टिकट कटवानी होगी। बिना टिकट यात्रा करते पकड़े जाने पर जुर्माना लगेगा।
रोडवेज मुख्यालय ने सभी डिपो के महाप्रबंधकों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिया है। परिवहन विभाग के प्रधान सचिव ने पुलिस विभाग को भी चिट्ठी लिखी है। पुलिस मुख्यालय को इन आदेश का पालन सुनिश्चित कराना होगा। पुलिस कर्मी रोडवेज बसों में यात्रा करने पर टिकट नहीं लेते हैं। कंडक्टर भी भाईचारे में टिकट नहीं काटते।
परिवहन विभाग इसके सख्त खिलाफ है। जब से आईपीएस नवदीप सिंह विर्क ने प्रधान सचिव का जिम्मा संभाला है, तब से उन्हें मुफ्तखोरी पर शिकंजा कसा है। पुलिसकर्मियों के हर महीने 120 रुपये यात्रा खर्च के तौर पर कटते हैं। पुलिस विभाग उस राशि की प्रतिपूर्ति करता है। परिवहन विभाग का मानना है कि ये राशि नाकाफी है। इससे कर्मचारी अपने प्रदेश हरियाणा के अलावा चंडीगढ़-दिल्ली तक ही यात्रा कर सकते हैं। इसलिए सभी डिपो में कार्यरत कंडक्टर से महाप्रबंधक सुनिश्चित कराएं कि वे अन्य छह राज्यों में जाने पर पुलिस कर्मियों की टिकट अवश्य काटें। औचक निरीक्षण दस्ते को निर्देश दिया है कि बिना टिकट रोडवेज बस में यात्रा करने वाले पुलिस कर्मियों को नियमानुसार जुर्माना लगाया जाए।
कंडक्टर और पुलिस कर्मियों के बीच झड़प सामान्य
टिकट को लेकर रोडवेज बसों में पुलिसकर्मियों ओर कंडक्टर के बीच झड़प सामान्य है। पुलिस कर्मी प्रतिपूर्ति राशि का हवाला देते हुए टिकट कटवाने से मना करते हैं, जिससे विवाद खड़ा हो जाता है। इसे देखते हुए परिवहन विभाग को ताजा आदेश जारी करने पड़े हैं।
यह पुलिस कर्मियों के साथ अन्याय: शर्मा
हरियाणा पुलिस कर्मचारी एसोसिएशन के प्रधान सतपाल शर्मा ने कहा कि रोडवेज बसों में टिकट काटने के नए आदेश कर्मचारियों के साथ अन्याय है। छह राज्यों में भी मुफ्त यात्रा का लाभ मिलना चाहिए। पुलिस विभाग इस फैसले को लेकर मुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराए।