पंजाब के स्वास्थ्य सेवाएं डायरेक्टर डॉ. अवनीत कौर ने बताया कि 2018-19 के दौरान राज्य में उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद एक्ट (कोटपा)-2003 के तहत 23,886 चालान काटे गए और अप्रैल-दिसंबर 2019 में कुल 16,016 चालान काटे गए। पंजाब कोटपा संशोधन एक्ट- 2018 के पास होने के बाद हुक्का बार पर मुकम्मल तौर पर पाबंदी लगाई गई है। कहा कि इस एक्ट के तहत उल्लंघन करने वालों को तीन साल की कैद और 50,000 रुपये जुर्माना किया जा सकता है।
पंजाब में 27 लाख लोग करते हैं तंबाकू का सेवन
साउथ-ईस्ट एशिया यूनियन के डिप्टी एरिया डायरेक्टर डॉ. राणा जे. सिंह ने बताया कि अनुमान के अनुसार प्रदेश में अभी 27 लाख लोग तंबाकू का प्रयोग कर रहे हैं क्योंकि यह उत्पाद पूरे राज्य में आसानी से उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि कैंसर, हाइपरटेंशन, दिल की बीमारियां, फेफड़ों की बीमारियां और स्ट्रोक आदि सभी गैर-संचारी बीमारियों की रोकथाम के लिए तंबाकू सबसे अहम कारक है।
डॉ. निरलेप कौर स्टेट नोडल अधिकारी तंबाकू कंट्रोल पंजाब ने बताया कि राज्य के सभी जिलों में तंबाकू की आदत से छुटकारा दिलाने के लिए तंबाकू रोकथाम केंद्र स्थापित किये गए हैं। उन्होंने कहा कि 19 मार्च, 2019 से 19 दिसंबर, 2019 तक इन केंद्रों में लगभग 8,000 तंबाकू पीड़ितों का इलाज किया गया है।