हरियाणा में फर्जी पासपोर्ट मामलों का खुलासा होने के बाद अब पुलिस अपनी वेरिफिकेशन प्रणाली में बदलाव करेगी। जांच को और तथ्यात्मक व मजबूत किया जाएगा। ऐसी भी व्यवस्था की जा रही है कि बिना मौके पर गए, किसी की भी वेरिफिकेशन न हो सके। इसके अलावा, भविष्य के लिए भी योजना तैयार की है कि जांच अधिकारी को आईपैड दिए जाएंगे और उसको जीपीएस से जोड़ा जाएगा। वेरिफिकेशन के लिए जब कोई अधिकारी जाएगा तो उसकी संबंधित आवेदक के घर की लोकेशन आएगी।
फतेहाबाद और करनाल में फर्जी पासपोर्टों की जांच में सामने आया है कि अगर पुलिस की वेरिफिकेशन सही होती तो ये पासपोर्ट नहीं बन पाते। माफिया के सदस्य थानों में मुंशी आदि से सेटिंग करके झूठे पते पर वेरिफिकेशन करा देते हैं। पुलिस की रिपोर्ट के बाद फाइल पर कोई जांच नहीं होती और सीधे कार्यालय से पासपोर्ट जारी होता है।
इन खामियों को देखते हुए हरियाणा पुलिस के आला अधिकारियों ने सभी जिलों से फीडबैक भी मांगा है। साथ इस प्रणाली में और क्या सुधार हो सकता है, इस पर मंथन किया जा रहा है। सीआईडी की ओर से वेरिफिकेशन प्रणाली में सुधार के लिए सुझाव दिए हैं।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पुलिस जांच अधिकारियों को आईपैड देने की योजना है। यह जीपीएस से जुड़ा होगा। जब भी कोई पुलिस कर्मचारी आवेदक के घर के बाहर जाएगा तो उसकी लोकेशन ट्रैक हो जाएगी। इस लोकेशन और संबंधित व्यक्ति के घर पर ही होने के बाद ही पासपोर्ट की वेरिफिकेशन की जाएगी, ताकि ये साबित हो सके कि व्यक्ति संबंधित पते पर ही रहता है।
घर के बाहर फोटो खिंचवाना होगा: फतेहाबाद एसपी
पुलिस मुख्यालय की ओर से सभी एसपी को निर्देश दिए हैं कि पासपोर्ट वाले मामले को गंभीरता से लें। भविष्य में बड़ी सावधानी के साथ पासपोर्ट की वेरिफिकेशन कराएं। बिना मौके पर जाए किसी की भी वेरिफिकेशन न हो। गौरतलब है कि दो दिन पहले फतेहाबाद के एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया ने जिले में निर्देश दिए हैं कि आवेदक को अपने परिवार के साथ घर के बाहर फोटो खिंचवाना होगा।