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टेढ़ी खीर है हनीप्रीत, सच उगलवाना आसान नहीं, ये तरीका अपना सकती है पुलिस

Fri, 06 Oct 2017 09:06 AM IST
यशपाल शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
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Honeypreet Insan Arrest
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हनीप्रीत टेढ़ी खीर है, उससे राम रहीम और डेरा सच्चा सौदा के राज उगलवाना आसान नहीं होगा। इसलिए पुलिस एक ऐसा हथकंडा अपनाने पर कर रही, जिसका कोई तोड़ नहीं। हनीप्रीत हरियाणा पुलिस को पूछताछ में सच बताने के बजाय झूठ के मायाजाल में उलझा रही है।
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अब तक हुई लगभग बीस घंटे की पूछताछ में हनीप्रीत ने मुख्य सवालों पर चुप्पी ही साधे रखी है, जबकि कई सवालों पर ऐसे जवाब दिए हैं, जो पुलिस के गले नहीं उतर रहे। पुलिस को हनीप्रीत का छह दिन का रिमांड पंचकूला कोर्ट से बुधवार को मिल चुका है। अब पुलिस की कोशिश हनीप्रीत से सच उगलवाने की है।

बावजूद इसके अगर पुलिस को लगता है कि हनीप्रीत अहम सवालों का सही जवाब देने के बजाय झूठ बोल रही है तो उसका नार्को टेस्ट कराने का फैसला लिया जाएगा। अभिनय और निर्देशन में माहिर हनीप्रीत आसानी से पुलिस के सवालों में फंस नहीं रही, उल्टा फंसाने का प्रयास कर रही है।
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पंचकूला हिंसा पर सवालों का जवाब भी नहीं दे रही

हनीप्रीत इन्सां - फोटो : The Hindu
हनीप्रीत ने अभी तक पुलिस को हिंसा भड़काने में शामिल लोगों, उसकी अपनी भूमिका और इसके साथ ही इंटरनेशनल नंबरों से व्हाट्सएप कॉलिंग पर कोई जवाब नहीं दिया है। पूछताछ टीम के बार-बार पूछने पर भी वह चुप्पी साधे रही।

जिन अहम सवालों के जवाब पुलिस के लिए बेहद जरूरी हैं, उन्हें बताने के बजाय हनीप्रीत खुद को निर्दोष बताकर इमोशनल होते हुए बच रही है। साथ ही हकीकत में जो हुआ, उससे उल्ट जवाब ही उसने अब तक दिए हैं। पंचकूला हिंसा के लिए पांच करोड़ की फंडिंग पर भी वह मौन है। साथ ही डेरे के राज नहीं खोल रही।

डेरे के अंदर की खुफिया गतिविधियों और राम रहीम के क्रिया-कलापों पर जो पुलिस जानना चाहती है, उसके बदले हनीप्रीत ने वह सब बताया है, जिससे वह खुद को पाक साफ साबित कर सके। हनीप्रीत से पुलिस पहले तो हर हाल में सच सामने लाने की कोशिश करेगी, कुछ मुख्य सवालों के जवाब पर संदेह होने की स्थिति में नार्को टेस्ट के लिए हनीप्रीत को तैयार किया जाएगा।
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कोशिश रहेगी रिमांड में ही बता दे सच : संधू

Honeypreet Insan
डीजीपी बीएस संधू ने कहा कि हनीप्रीत से हर सच छह दिन के रिमांड के दौरान उगलवाने की पूरी कोशिश की जाएगी। इसके बाद भी रिमांड की मांग कर सकते हैं। जरूरत पड़ने पर सभी विकल्प खुले हैं। तेज-तर्रार अधिकारियों की टीम पूछताछ कर रही है, इस दौरान कई राज खुल सकते हैं।

सच न बताने पर कराया जाता है टेस्ट
नार्को टेस्ट में एक विशेष प्रकार के रासायनिक यौगिक को प्रयोग किया जाता है। इसे ट्रुथ ड्रग के नाम से भी जानते हैं। यह साइकोएक्टिव दवा उन लोगों को दी जाती है, जो सच नहीं बताना चाहते हैं। दवा के प्रयोग से व्यक्ति कृत्रिम अनिद्रा की अवस्था में पहुंच जाता है। इस दौरान उसके दिमाग का त्वरित प्रतिक्रिया देने वाला हिस्सा काम करना बंद कर देता है। ऐसे में व्यक्ति बातें बनाना और झूठ बोलना भूल जाता है।
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