हरियाणा के तमाम कामर्शियल भवनों के लिए अब सौर ऊर्जा संयंत्र लगवाने अनिवार्य होंगे। यदि ऐसा नहीं होता, तो भवन मालिकों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। इतना ही नहीं प्रदेश के उद्योगों और भवनों के लिए ऊर्जा ऑडिट करवाना होगा। ताकि मालूम चल सके कि इन भवनों में ऊर्जा खपत कितनी है।
विधानसभा सत्र के दौरान राज्यपाल अभिभाषण में इस बारे में जानकारी सदन को दी गई। इसमें प्रदेश की बिजली व्यवस्था को और बेहतर बनाने का रोडमैप जहां पेश किया गया, वहीं इस दिशा में किए जा रहे कार्यों की भी जानकारी दी गई। अभिभाषण में बताया गया कि हरियाणा में अब सभी वाणिज्यिक भवनों के लिए ऊर्जा संरक्षण र्कोउ लेना और अपनी छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना करना अनिवार्य होगा। ताकि प्रदेश में सौर ऊर्जा को बढ़ावा दिया जा सके। इसके अतिरिक्त राज्य के उद्योगों और भवनों हेतु ऊर्जा ऑडिट भी शुरू किया जाए। इनमें एलईडी लाइट का ही इस्तेमाल जरूरी होगा। इस बाबत सरकार अधिसूचनाएं जारी कर चुकी है।
इसके साथ ही सरकार ने 'म्हारा गांव जगमग गांव' योजना के तहत 4463 गांवों को शेड्यूल अब 24 घंटे का कर दिया है। कृषि क्षेत्र के लिए अधिभार माफी योजना-2019 के तहत एक लाख ग्यारह हजार 817 किसानों के नलकूप बिजली बिलों की 23 करोड़ 79 लाख रुपये की जुर्माना माफी की गई है। साथ ही सकल तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानियां 30.02 प्रतिशत से घटकर 17.45 प्रतिशत रह गई है। इसी कारण बिजली वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति मजबूत हुई है।