ड्रग विभाग की छापेमारी के दौरान लाखों रुपये की नशीली दवाएं बरामद हुई हैं। जिनका रिकॉर्ड दुकानदार नहीं दिखा सके। हालत यह थी कि दुकानदारों के पास डिग्री या डिप्लोमा तक नहीं था। न ही उनके पास एलोपैथिक दवाएं रखने के लिए जरूरी ड्रग लाइसेंस मिला।
फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन पंजाब के सेंट्रलाइज्ड ड्रग कंट्रोल व रेगुलेटरी सेल ने छापेमारी की। मोहाली, बठिंडा और मुक्तसर में छापेमारी के दौरान कई तरह की नशीली दवाएं बरामद हुईं। जिनकी कीमत करीब 45 लाख रुपये है। मोहाली में जुझार नगर, कुराली और बूथगढ़ में छापे मारे गए।
एफडीए कमिश्नर हुसन लाल के निर्देश पर ड्रग इंस्पेक्टर मनजीत कौर ने जुझार नगर स्थित काजल क्लीनिक में छापा मारा। दुकान का मालिक बिष्णु मंडल क्लीनिक चलाने के लिए जरूरी कोई भी डिग्री नहीं दिखा सका। न ही उसके पास एलोपैथिक दवाएं रखने के लिए ड्रग लाइसेंस था।
दुकान से 43 तरह की दवाएं बरामद की गईं, जिनमें कुछ आंशिक रूप से इस्तेमाल किए गए वायल व इंजेक्शन भी शामिल हैं। सारी दवाएं विभागीय टीम ने कस्टडी में ले ली हैं। ड्रग इंस्पेक्टर नवदीप कौर ने मेडिकल अफसर के साथ कुराली स्थित स्टार क्लीनिक और स्टार क्लीनिकल लैब में छापा मारा।
यहां का संचालक डॉ. बिल्ला उर्फ अमनदीप सिंह क्लीनिक चलाने के लिए जरूरी डिग्री नहीं दिखा सका। न ही उसके पास ड्रग लाइसेंस था। उसने एनईएचएम ऑफ इंडिया के तहत रजिस्ट्रेशन और फार्मेसी उपवैद्य (आयुर्वेद) में डिप्लोमा दिखाया।
जो पंजाब स्टेट फैकल्टी ऑफ आयुर्वेदिक एंड यूनानी सिस्टम ऑफ मेडिसिन चंडीगढ़ द्वारा जारी किया गया था। उनकी कॉपियां ले ली गईं, जिन्हें वेरिफिकेशन के लिए भेजा जाएगा। मुक्तसर और बठिंडा में भी छापेमारी की गई। जहां से काफी नशीली दवाएं बरामद की गई हैं।