चंडीगढ़। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते रविवार को मन की बात में शहर की युवा भावना आनंद शर्मा के स्टार्टअप की प्रशंसा की। भावना ने तीन साल पहले वनस्पति आधारित पूरक आहार ब्रांड क्योरवेदा को शुरू किया था। प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनियाभर में आयुर्वेद के प्रति दिलचस्पी बढ़ी है। आयुष उत्पादन में मात्र 6 वर्षों में 22 हजार करोड़ रुपये से एक लाख 40 हजार करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है।
उन्होंने कहा कि आयुर्वेद को आगे बढ़ाने के लिए नए जमाने के ब्रांडों के प्रयास प्रशंसनीय हैं। आधुनिक हर्बल अनुसंधान और पारंपरिक ज्ञान के संगम के माध्यम से समग्र जीवन के लिए पूरक आहार बनाने के लिए क्योरवेदा को बधाई। उन्होंने कहा कि युवा स्टार्टअप से गुणवत्ता वाले उत्पाद बनाकर विश्व स्तर पर आयुष के बारे में जागरूकता फैलाएं। भावना ने बताया कि उनकी स्कूली शिक्षा चंडीगढ़ से ही हुई है और 12वीं में वह शहर की टॉपर थीं। मेरी शिक्षा और चंडीगढ़ में बड़े होने के अनुभव ने मेरी रुचि और महत्वाकांक्षा को आकार दिया। मैं जहां भी रहूं, यह शहर हमेशा मेरे जेहन में रहेगा। इसी शहर से मेरी उद्यमशीलता की नींव पड़ी। भावना को इससे पहले कई पुरस्कार मिल चुके हैं। वह इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस, लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स और श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स की छात्रा रह चुकीं हैं।
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क्या है क्योरवेदा
क्योरवेदा एक वनस्पति आधारित सप्लीमेंट ब्रांड है, जिसने खुराक और उत्पादों में नई पहल की है। इसमें स्पार्कल, प्रीमियम गुड़ आधारित च्यवनप्राश, नेत्रों के स्वास्थ्य के लिए जेल स्टिक्स जैसे ऑन द गो उत्पाद और बेस्टसेलर ग्लो कोलेजन बिल्डर सहित सौंदर्यीकरण से जुड़े कई उत्पाद हैं। भावना आनंद शर्मा ने बताया कि क्लीनिकल रिसर्च, कच्चे माल के चयन, धातुओं का उपयोग न करने और रिसाइकिल होने लायक पैकेजिंग का उपयोग हम नहीं करते हैं। अपनी स्थापना के बाद से क्योरवेदा ने डायबिटीज, पाइल्स, एंटी-एजिंग, थायराइड और यूटीआई के उत्पादों पर पांच पंजीकृत क्लीनिकल ट्रायल पूरे किए हैं।