चंडीगढ़। पीयू सीनेट फैकल्टी की सदस्य और समाज शास्त्र विभाग की प्रो. राजेश गिल का वीरवार को अंतिम कार्य दिवस था। ऐसे में सीनेट में फैकल्टी कांस्टीट्यूएंसी से प्रो. गिल की सदस्यता भी खत्म हो गई है। अब पीयू को इस एक सीट के लिए दोबारा करवाने पड़ेंगे। हालांकि अभी फैकल्टी की नोटिफिकेशन भी अधर में लटकी है। प्रो. गिल पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (पुटा) में लगातार तीन बार अध्यक्ष पद पर जीत हासिल कर चुकी हैं।
फैकल्टी कांस्टीयूएंसी से चुनाव जीतने वाले प्रो. नवदीप गोयल ने बताया कि एक सीट खाली होने पर इस पर अब दोबारा चुनाव होगा। इसका निर्णय पंजाब यूनिवर्सिटी लेगी। अभी तक फैकल्टी की नोटिफिकेशन ही नहीं हुई है, उसका इंतजार कर रहे हैं। वहीं सीनेटर और एडिशिनल सॉलिसेटर जनरल सत्यपाल जैन ने बताया कि नियमों के अनुसार प्रो. गिल की सदस्यता खत्म हो गई है। ऐसी स्थिति में पीयू को इस सीट पर दोबारा चुनाव करवाना पड़ेगा, इसका फैसला यूनिवर्सिटी ही लेगी। प्रो. राजेश गिल 2012 से 2016 तक सीनेट सदस्य और 2015 और 2019 में सिंडिकेट सदस्य भी रही हैं। पीयू में अशोक गोयल ग्रुप को मजबूत बनाने में उनका काफी अहम योगदान रहा है। इस बार फैकल्टी चुनाव में प्रो. गिल ने प्रो. गुरपाल सिंह संधू को 13 मतों से हराया था।