प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की श्री आनंदपुर साहिब फेरी को लेकर इलाके के लोगों को उम्मीद थी कि शायद वह पंजाब के लिए कोई बड़ा ऐलान करेंगे। इसके विपरीत प्रधान मंत्री का सारा भाषण धार्मिक ही रहा और प्रधान मंत्री ने पंजाब के लिए कोई एलान नहीं किया। यहां तक कि प्रधान मंत्री ने सरकार की ओर से कराए गए किसी काम का जिक्र तक नहीं किया।
प्रधानमंत्री मोदी का भाषण लगभग 10 मिनट में ही समाप्त हो गया। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में दशम पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के जीवन और उनके द्वारा दिए संदेश के बारे में ही कहा। प्रधानमंत्री ने भाषण की शुरूआत पंजाब में फतेह बुलाने के साथ की।
बाद में सारा भाषण लगभग हिंदी में ही दिया। जब प्रधान मंत्री मोदी भाषण दे रहे थे तो पंडाल में बैठे कुछ लोगों ने तालियां बजाई, जबकि श्री गुरुग्रंथ साहिब जी की हाजिरी में तालियां नहीं बजाई जातीं हैं। पंडाल में आने से पहले प्रधान मंत्री तख्त श्री केसगढ़ साहिब में माथा टेकने के लिए पहुंचे।
इसके बाद मोदी पंडाल में पहुंचे। उन्होंने केसरिया रंग की पगड़ी पहनी हुई थी जब कि तखत साहिब पर माथा टेकने के मोके पर उन्होने सिर पर रूमाल रखा हुआ था,उन्होने पगड़ी नहीं पहनी थी। उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने अपने भाषण में बार-बार मुख्यमंत्री का नाम लेते हुए सरकार की उपलब्धियां और बनाई धार्मिक यादगारों का जिक्र किया।
धार्मिक शख्सियतों के लिए बना अलग स्टेज
पंजाब में पीएम मोदी
- फोटो : अमर उजाला
दशम पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह के 350 साला प्रकाश दिवस के सबंध में पंजाब सरकार के धार्मिक समागम की शुरूआत रागी सिंहों ने गुरबाणी से की। इस दौरान धार्मिक शख्सियतों के लिए अलग स्टेज बनाया गया।
मुख्य स्टेज के एक ओर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरुबचन सिंह, तख्त श्री केसगढ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी मल्ल सिंह के अलावा बाबा बलबीर सिंह मुख्य निहंग सिंहों तरना दल, एसजीपीसी के महासचिव अमरजीत सिंह चावला बैठे थे और दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल, विजय सांपला, मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल, सांसद प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा, उद्योग मंत्री मदन मोहन मित्तल व एसजीपीसी के प्रधान प्रो. किरपाल सिंह बडूंगर बैठे थे।
इसके अलावा किसी भी नेता को स्टेज पर नहीं चढ़ने दिया गया।
हरसिमरत, चंदूमाजरा, मित्तल को नहीं मिला बोलने का मौका
पंजाब में पीएम
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समागम के दौरान मुख्य स्टेज की कमान शिक्षा मंत्री डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने संभाली। एसजीपीसी के प्रधान प्रो. किरपाल सिंह बडूंगर ने सबसे पहले भाषण दिया। इसके बाद उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल, विजय सांपला व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधन किया।
केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल, सांसद प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा और उद्योग मंत्री मदन मोहन मित्तल को बोलने का मौका नहीं दिया गया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह ने बादल ने कहा कि वह ज्यादा समय नहीं लेंगे, क्योंकि प्रधानमंत्री को बहुत दूर जाना है।
विजय सांपला का भाषण लंबा होता देख शिक्षा मंत्री ने पीछे से उन्हें दो बार भाषण समाप्त करने का इशारा किया। इस दौरान स्टेज पर बैठे सांसद प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा, उद्योग मंत्री मदन मोहन मित्तल प्रधान मंत्री के साथ कानाफूसी करते रहे। तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी मल्ल सिंह ने छोटी स्टेज पर बैठी धार्मिक शख्सियतों को सिरोपा दिए। मुख्यमंत्री बादल ने प्रधानमंत्री मोदी को सिरोपा, श्री साहिब और श्री हरिमंदर साहिब का माडल भेंट किया।