सहकारिता सप्ताह समारोह के दौरान ज्वाइंट एक्शन कमेटी सेक्टर-20 के प्रतिनिधियों ने अपार्टमेंट एक्ट, सिंगल पावर मीटर और फ्लैट मालिकों के लिए लागू प्रॉपर्टी टैक्स में विसंगतियों के मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया।
उन्होंने केन्द्र और प्रदेश सरकार के अधिकारियों से इन समस्याओं को दूर करने में हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई। रेड बिशप में आयोजित सहकारिता सप्ताह समारोह के दौरान कमेटी के महासचिव ने सभी सदस्यों का नेतृत्व किया।
ज्वाइंट एक्शन कमेटी सेक्टर-20 के महासचिव कर्नल एसके अग्रवाल ने कहा कि हरियाणा अपार्टमेंट ऑनरशिप एक्ट-1983 प्रदेश में लागू नहीं है।
जब जमीन अलॉट कराई गई थी तो कन्वेंस डीड बनाने के दौरान स्टांप ड्यूटी जमा कराए गए थे। नए अपार्टमेंट एक्ट के तहत दोबारा रजिस्ट्री के मद में लाखों रुपये चुकाने हैं।
सदस्यों का कहना है कि सोसाइटी में बने फ्लैटों के मालिक अलग-अलग होते हैं और इनकी खरीद बिक्री नहीं हो सकती है। ऐसे में दोबारा रजिस्ट्री कराने की बाध्यता नहीं होनी चाहिए।
सिंगल पावर मीटर का विरोध
कमेटी के महासचिव कर्नल अग्रवाल ने एचईआरसी के प्रावधानों के तहत सोसाइटियों में सिंगल पावर मीटर लगाए जाने का विरोध किया।
उन्होंने कहा कि सोसाइटियों में सैकड़ों लोग रहते हैं। बिजली निगमों के होने के बावजूद आखिर सोसाइटी में रहने वालों पर बिल कलेक्शन का जिम्मा क्यों थोपा जा रहा है? उन्होंने दलील दी कि केंद्र सरकार की बिजली अधिनियम-2003 के तहत सोसाइटी को ऐसा बोझ देने का कोई प्रावधान नहीं है।
उन्होंने कहा कि इसके लिए अलग से कर्मियों की नियुक्ति करनी होगी, जबकि यह कार्य बिजली वितरण निगम का है। इससे आपसी मतभेद की आशंका बनी रहेगी। नेशनल को-ऑपरेटिव हाउसिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के एमडी और कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के समक्ष ये बातें रखी गई।
इस संबंध में उन्हें भी ज्ञापन भेजा जा रहा है। इस मौके पर सीआर राणा, एमएल खुराना-एमडी और हरियाणा आवास प्रसंघ के प्रबंध निदेशक सीएम बंसल सहित सोसाइटियों के प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।