पेरिस ओलंपिक में हरियाणा के खिलाड़ियों ने दबदबा बरकरार रखा है। इस बार भारत ने कुल छह पदक जीते हैं, जिसमें पांच हरियाणा के खिलाड़ियों के हैं। इनमें एक रजत और दो कांस्य समेत तीन पदक व्यक्तिगत हैं।
सिरसा की तीरंदाज भजन कौर भले ही पदक नहीं जीत पाईं लेकिन अपने अपने प्रदर्शन से इस युवा खिलाड़ी ने खासा प्रभावित किया। खेलों की सबसे बड़ी प्रतियोगिता में विश्व के बड़े खिलाड़ियों के सामने बिना दबाव के लगाए गए उनके सटीक निशानों ने अगले ओलंपिक में पदक की उम्मीद बांधी है।
पहलवान विनेश फोगाट दुर्भाग्यपूर्ण ढंग से 100 ग्राम वजन ज्यादा होने से 50 किलो भार वर्ग के फाइनल नहीं खेल सकीं। देश को उनसे स्वर्ण जीतने की पूरी उम्मीद थी। हालांकि भारतीय ओलंपिक संघ ने इस फैसले के खिलाफ खेल पंचाट में अपील कर रखी है और 13 अगस्त को इस पर फैसला आना है। हरियाणा सरकार ने घोषणा की है कि विनेश को रजत पदक विजेता के समान सम्मान व लाभ दिए जाएंगे। रोहतक की पहलवान रितिका हुड्डा को भी कुश्ती के नियमों के कारण हार का सामना करना पड़ा। 76 किग्रा भारवर्ग के क्वार्टर फाइनल में किर्गिस्तान की खिलाड़ी के खिलाफ बराबरी के बाद आखिरी अंक गंवाने के कारण उन्हें पराजित घोषित किया गया। इसके अलावा पहलवान निशा दहिया दाएं हाथ में चोट के कारण शुरुआती बढ़त के बावजूद 68 किग्रा कुश्ती मुकाबले के क्वार्टर फाइनल में उत्तर कोरिया की खिलाड़ी से हारकर बाहर हो गईं।
हरियाणा सरकार ने पेरिस ओलंपिक में पदक जीतने वाले खिलाडि़यों के लिए नगद पुरस्कार और सम्मान करने की घोषणा की थी। सरकार की ओर से एलान किया गया था कि पेरिस ओलिंपिक में जो भी खिलाड़ी स्वर्ण लेकर आएगा उसे 6 करोड़ रुपये, रजत जीतने पर 4 करोड़ और कांस्य जीतने पर 2.5 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
खिलाड़ी पदक खेल
नीरज चोपड़ा स्वर्ण भाला फेंक
रवि दहिया रजत कुश्ती
बजरंग पूनिया कांस्य कुश्ती
हॉकी कांस्य --
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