पंजाब कला भवन में फूल्स पैराडाइज की प्रस्तुति ‘नई सभ्यता, नए नमूने’ ने सबको हंसा-हंसा कर लोटपोट कर डाला।
नाटक का मंचन ओपन एयर थिएटर में किया गया। मोहनीश कल्याण के डायरेक्ट किए गए इस नाटक की कहानी घूमती है इसके मुख्य किरदार कृष्णा (हनी सिंह) के इर्दगिर्द। वह दो दोस्तों को झांसा देकर उनसे रुपये एेंठता है। उसकी दोस्त हैं स्मृति (किरन चावला) और धरनी (श्रुति)।
कृष्णा स्मृति से कहता है कि वह उसको बेहद पसंद है। वह चाहता है कि उसके लिए लिखा गया महाकाव्य छपवाए। धरनी के संग वह एक बड़े एक्टर की तरह मिलता है और कहता है कि वह उसके लिए एक यादगार फिल्म बनाएगा। दोनों से ऐसे वादा करके वह पैसा एेंठता है।
नाटक में कृष्णा का नौकर उधौ उसकी दोनों ही प्रेमिकाओं के आने पर उसके रंग में रंग जाता है। वह लड़कियों को बेवकूफ बनाने में कृष्णा का साथ देता है। नाटक में एक और करेक्टर है भूलभू प्रसाद, जो दर्शकों का मनोरंजन करता है। यह कैरेक्टर काफी भुलक्कड़ किस्म का है और इसे बार-बार भूलने की आदत है।
नाटक के अंत में उधौ दोनों लड़कियों को बेवकूफ बनाने के लिए उनको मरने की धमकी देता है। उसकी बातों में आकर लड़कियां भूलभू प्रसाद (परमिंदर सिंह) और उधौ (विकास दत्ता) से शादी कर लेती हैं। मोहनीश ने नाटक का डायरेक्शन काफी बंधा हुआ किया है।