फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh News: प्लेटिनम महंगा, कैंसर की जीवनरक्षक दवाओं कार्बोप्लेटिन-सिस्प्लेटिन की किल्लत

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली जीवनरक्षक दवाएं कार्बोप्लेटिन और सिस्प्लेटिन की बाजार में किल्लत हो गई है। इन प्लेटिनम आधारित कीमोथेरेपी दवाओं की शॉर्टेज की मुख्य वजह कच्चे माल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी है। पिछले एक से डेढ़ साल में प्लेटिनम के दाम 115 से 130 फीसदी तक बढ़कर 60,000 से 61,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गए हैं।
विज्ञापन

सेक्टर-24 के होलसेल दवा विक्रेता अंकुर गुप्ता ने बताया कि इन दवाओं का उपयोग ओरल, फेफड़ों और महिलाओं में होने वाले विभिन्न कैंसर के इलाज में सबसे पहले किया जाता है। अचानक शॉर्टेज के कारण अस्पतालों में मरीजों के ट्रीटमेंट साइकिल प्रभावित होने लगे हैं। चंडीगढ़ केमिस्ट एसोसिएशन के प्रधान अनूप गुप्ता के अनुसार सरकार द्वारा तय सीलिंग प्राइस के कारण कंपनियां बढ़ी उत्पादन लागत की भरपाई नहीं कर पा रहीं, जिससे उत्पादन घट गया है।
कीमतों के बढ़ने की यह वजह
1-दुनिया के 70 फीसदी से अधिक प्लैटिनम का उत्पादन करने वाले दक्षिण अफ्रीका में खदानों पर बिजली संकट और बढ़ती लागत के कारण उत्पादन प्रभावित हुआ है। वहीं, दूसरे बड़े उत्पादक रूस पर लगे प्रतिबंधों से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर असर पड़ा है।
विज्ञापन

पर्यावरण संबंधी नियम सख्त होने के बाद ऑटो कैटलिस्ट और हाइड्रोजन फ्यूल सेल उद्योग में प्लैटिनम की मांग तेजी से बढ़ी है।
अमेरिका-चीन व्यापार तनाव, पश्चिम एशिया संकट और वैश्विक अनिश्चितताओं के चलते निवेशकों ने सोने-चांदी के साथ प्लैटिनम में भी निवेश बढ़ाया है, जिससे इसकी मांग और कीमत दोनों में उछाल आया है।
मई 2026 में विदेशी मुद्रा भंडार की सुरक्षा के उद्देश्य से सोना, चांदी और प्लैटिनम पर आयात शुल्क बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया गया, जिससे घरेलू बाजार में इन कीमती धातुओं की लागत और बढ़ गई।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें