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Chandigarh-Haryana News: जनगणना के दस दिन बचे, 150 ब्लॉक में शुरू नहीं मकानों की गिनती

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जनगणना कर्मी नहीं पहुंचे, अब अतिरिक्त कर्मचारियों को मैदान में उतारा
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हरियाणा में 30 मई तक चलना है मकानों की सूचीकरण का कार्य, एक ब्लॉक की जिम्मेदारी एक ही कर्मी पर होगी

आशीष वर्मा
चंडीगढ़। हरियाणा में जनगणना के पहले चरण के तहत मकानों की सूचीकरण की प्रक्रिया अंतिम दौर में पहुंच चुकी है मगर राज्य के कई हिस्सों में यह काम अब भी अधूरा पड़ा है। करीब 150 ब्लॉकों में जनगणना का कार्य अब तक शुरू ही नहीं हुआ है। इसकी सबसे बड़ी वजह जनगणना कर्मियों का ड्यूटी पर नहीं पहुंचना बताया गया है, जबकि निर्धारित समय सीमा खत्म होने में अब केवल दस दिन बाकी हैं। हालात को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने अब अतिरिक्त कर्मचारियों को मैदान में उतारने का फैसला लिया है ताकि छूटे हुए क्षेत्रों में भी तेजी से सूचीकरण का कार्य पूरा कराया जा सके।
हरियाणा में जनगणना के लिए 52 हजार ब्लॉक कवर किए जाने हैं। इनमें से 70 फीसदी तक ब्लॉक कवर किए जा चुके हैं। जिन 150 ब्लॉकों में जनगणना का कार्य पूरा नहीं किया गया है, उनमें से सबसे ज्यादा ब्लॉक गुरुग्राम में स्थित है। वहीं, बहादुरगढ़ में 25-30 ब्लॉक और बाकी जिले में स्थित हैं। इस पर हरियाणा सरकार ने भी संज्ञान लिया है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी उपायुक्तों को सख्त आदेश दिए हैं कि 30 मई तक हर हाल में 52 हजार ब्लॉक कवर कर लिए जाएं। जिन ब्लॉक में जनगणनाकर्मी नहीं पहुंचे हैं, वहां अतिरिक्त स्टाफ को जनगणना कार्य में लगाया जाए। एक ब्लॉक में 150 से 200 घर आते हैं। राज्य सरकार के मुताबिक यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, फतेहाबाद, हांसी, चरखी दादरी और फरीदाबाद जिलों में हाउस लिस्टिंग गतिविधियां शत-प्रतिशत शुरू हो चुकी हैं। चरखी दादरी 32 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण कर राज्य में सबसे आगे है, जबकि फतेहाबाद, हांसी, जींद और महेंद्रगढ़ ने भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है।
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जनगणना कार्य से गायब रहने वाले कर्मियों पर कार्रवाई शुरू

जिन ब्लॉकों में अब तक जनगणना शुरू नहीं हो पाई, अब उन ब्लॉक के कर्मियों पर कार्रवाई सरकार ने शुरू कर दी है। हरियाणा सरकार की ओर से 150 ब्लॉक के 150 कर्मचारियों से नोटिस भेजकर जवाब मांग लिया गया है। इनमें से कईयों के खिलाफ जिला प्रशासन ने एफआईआर दर्ज करने की पुलिस को सिफारिश भेज दी है और 35 से ज्यादा कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज भी की जा चुकी है। ऐसे में अब उनकी बर्खास्तगी की भी कार्रवाई की जा सकती है।



लापरवाही बरतने वाले कर्मियों को तीन साल तक हो सकती है कैद

ड्यूटी में लापरवाह कर्मचारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है। भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त (आरजी एंड सीसीआई) की ओर से हरियाणा समेत सभी राज्यों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि जनगणना कार्य में लगाए गए अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभाएं। अगर कोई कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं पहुंचता, काम करने से मना करता है या जनगणना से जुड़े दस्तावेजों को नुकसान पहुंचाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 11 के तहत ऐसे मामलों में तीन साल तक की कैद का प्रावधान है। अधिकारियों से कहा गया है कि जनगणना में लगे सभी कर्मचारियों को उनके अधिकार और जिम्मेदारियों की पूरी जानकारी दी जाए, ताकि कार्य सही तरीके से पूरा हो सके। सरकार ने साफ किया कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में लापरवाही या बाधा किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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हरियाणा में जनगणना का कार्य अच्छा चल रहा है। 70 फीसदी ब्लॉक को कवर किया जा चुका है। कुछ जगहों पर बाधा आई है, मगर वहां अतिरिक्त स्टाफ लगा दिया गया है। जनता भी जनगणनाकर्मियों को सहयोग कर रही है। पूरी उम्मीद है कि 30 मई तक सभी ब्लॉक में जनगणना का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
- डॉ. ललित जैन, निदेशक, जनगणना विभाग, हरियाणा
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