सीमा क्षेत्र पर हो रहे खनन कार्य में संदिग्ध लोगों के शामिल होने की दलील
सुनवाई के दौरान याची पक्ष ने कहा कि सीमा पर होने वाले खनन कार्य में श्रमिकों में संदिग्ध लोगों की संख्या बहुत अधिक है। ये अवैध गतिविधयों को अंजाम देते हैं लेकिन पंजाब सरकार इनकी धरपकड़ के प्रति गंभीर नहीं है। पंजाब सरकार ने इसका विरोध किया और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों की जानकारी मांगी। याची ने कहा कि अगर उन्हें सुरक्षा दी जाए तो ऐसे लोगों से जुड़ी जानकारी एकत्रित कर वह सौंपने को तैयार है।
बीएसएफ व सेना उठा चुकी है सवाल
बीएसएफ और सेना इससे पहले हाईकोर्ट में अपनी रिपोर्ट सौंपते हुए कह चुकी है कि अवैध खनन के चलते सीमा के आसपास गढ्ढे बन गए हैं। इन गड्ढों के चलते रावी नदी अपनी दिशा बदल रही है। ऐसा होने से सीमा पर की गई तारबंदी के लिए बड़ा खतरा पैदा हो रहा है। ये गड्ढे आतंकवादियों व असामाजिक तत्वों के पनाहगार साबित हो रहे हैं। खनन दिन-रात होने के चलते हर तरफ शोर रहता है और इसका फायदा उठा कर ड्रोन सीमा सीमा पर करवाए जाते हैं और इनसे नशा और हथियार भारत भेजे जाते हैं।