फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बच्चों के पीने वाले सिरप में निकला कांच का टुकड़ा, अस्पताल में जमकर हंगामा

Tue, 21 Mar 2017 09:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
विज्ञापन
पीसीएम सिरप में मिला कांच का टुकड़ा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
पंचकूला सेक्टर-6 के जनरल अस्पताल में नौनिहालों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। सोमवार को अस्पताल की मेडिसिन डिस्पेंसरी से बच्चों को खांसी जुकाम में दी जाने वाली पीसीएम सिरप में कांच का टुकड़ा मिला है। इसके बाद अस्पताल में बच्चे के परिजनों ने जमकर हंगामा काटा। उनका आरोप है कि डिस्पेंसरी में तैनात स्वास्थ्य कर्मियों को पता था कि पीसीएम सिरप में कांच का टुकड़ा है। उसके बाद भी उन्हें सिरप क्यों दी गई। अगर उनके बच्चे को कुछ हो जाता तो जिम्मेदार कौन होता। वहीं बच्चे के अभिभावकों ने लापरवाही बर्तने वाले स्वास्थ्य कर्मी के खिलाफ जांच की भी मांग की है।
विज्ञापन


सोमवार को पंचकूला के सेक्टर-4 निवासी अर्चना गर्ग तीन साल की बेटी वान्या गर्ग को सांखी जुकाम होने जनरल अस्पताल में जांच के लिए लाई थी। वहां चिकित्सक ने बच्ची की जांच कर पीसीएम और अन्य दवाएं लिख दीं। एक घंटे बाद घर आकर उन्होंने बच्ची को सिरप दिया तो उसने मुंह से उगल दिया। कांच जीभ में लगने के बाद उसके मुंह से अल्का खून भी आया। खून देखकर वह घबरा गई जमीन पर देखा तो कांच का टुकड़ा मिला।

अर्चना ने बताया कि उसके बाद वह डर गई कि बेटी को कुछ हो न जाए। वह बेटी को लेकर अस्पताल की डिस्पेंसरी में पहुंची और स्वास्थ्य कर्मी को सिरप में कांच मिलने की सूचना दिया। अर्चना से डिस्पेंसरी में तैनात स्वास्थ्य कर्मी ने कहा कि इसकी जानकारी उन्हें पहले से थी। फिर अर्चना गुस्सा हो गई तो मुलाजिम उनसे बहस करने लगा। अर्चना ने सवाल किया कि अगर आपको पता था कि सिरप में कांच है तो दिया क्यों। इस पर डिस्पेंसरी में तैनात मुलाजिम ने जवाब दिया कि सिरप में गड़बड़ी की शिकायत हम छह माह पहले भी कर चुके हैें। कुछ नहीं होता तो हम क्या करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

'सबको पता है सिरप खराब है फिर भी दे रहे मरीजों को'

पीसीएम सिरप में मिला कांच का टुकड़ा - फोटो : अमर उजाला
'सबको पता है सिरप खराब है फिर भी दे रहे मरीजों को'
अस्पताल की डिस्पेंसरी में सभी स्वास्थ्य कर्मियों को पता है कि पीसीएम सिरप में खराबी है, उसके बाद भी मरीजों को सिरप दिया जा रहा है। इसका खुलासा जब अर्चना पांचवीं मंजिल पर पीएमओ को शिकायत देने पहुंची तब हुआ। जब मौके पर पीएमओ ने मेडिसिन डिस्पेंसरी में तैनात स्टाफ को बुलाया। स्वास्थ्य कर्मियों ने अर्चना को बताया कि छह माह पहले ही सिरप की शिकायत के संबंध में अंबाला वेयर हाउस को सूचित किया था और दस से बारह लॉट सिरप वापस भेजा गया। लेकिन उन्होंने दोबारा पता नहीं इसका सैंपल कैसे पास कर पीसीए दोबारा भेज दी। स्वास्थ्य कर्मियों ने कहा कि इसके अलावा एक और सिरप में भी दिक्कत आई थी। उसके बाद पीएमओ ने डिस्पेंसरी से पीसीएम सिरप का वितरण बंद दिया है।            
       
अस्पताल प्रबंधन को दी लिखित शिकायत                 
पीसीएम में कांच मिलने के बाद अस्पताल की पीएमओ प्रिंसिपल मेडिकल ऑफिसर वीना सिंह को अर्चना ने लिखित में शिकायत दी है। ताकि अस्पताल में आने वाले दूसरे बच्चों की सेहत के साथ खिलवाड़ न हो। अर्चना ने बताया कि पीएमओ वीना सिंह ने कहा कि ये कांच नहीं क्रिस्टल है। यह एक तरह का शूगर होता है। फिर भी यह बच्चों के लिए नुकसान दायक है। इसे बंद करा दिया जाएगा।    
                        
 इस संबंध में अंबाला वेयर हाउस को पत्र लिखा था। करीब दस लॉट पीसीएम सिरप भी वापस करा दिया गया है। वैसे यह कांच नहीं, बल्कि जमा हुआ शूगर है। अब डिस्पेंसरी से मरीजों को दी जाने वाली पीसीएम बंद करवा दी गई है।
डॉ. वीना सिंह, पीएमओ जनरल अस्पताल सेक्टर-6 पंचकूला। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें