हरियाणा में फार्मेसी लाइसेंस को रिन्यू करवाने के लिए फार्मासिस्टों को अभी और इंतजार करना पड़ेगा। संक्रमण की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए फिलहाल इसके लिए होने वाली कंटीन्यू फार्मेसी एजुकेशन (सीपीई) संबंधी बैठकें अभी स्थगित ही रहेंगी। चूंकि इन बैठकों में डेढ़ से दो हजार लोग जुटते हैं। इसलिए इन बैठकों का सिलसिला फिलहाल अनिश्चितकाल तक शुरू नहीं होगा।
हरियाणा में निजी और सरकारी सेवाओं में कार्यरत फार्मासिस्ट की संख्या 25 हजार से अधिक हैं। इन सभी फार्मासिस्ट को सरकार के अधीनस्थ हरियाणा स्टेट फार्मेसी काउंसिल से रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ता है। नियमानुसार सभी फार्मासिस्टों को हर 5 साल बाद काउंसिल से अपना लाइसेंस रिन्यू करवाना अनिवार्य होता है। इन्हीं फार्मासिस्टों में से बहुत से फार्मासिस्ट ऐसे हैं। जिनका लाइसेंस दिसंबर 2019 में खत्म हो चुका है।
ऐसे फार्मासिस्टों ने लाइसेंस रिन्यू करवाने के लिए काउंसिल की वेबसाइट पर आवेदन भी किया हुआ है। इसके लिए काउंसिल की ओर से 22 मार्च को सीपीई की बैठक भी रखी गई थी। मगर जनता कर्फ्यू और फिर लॉकडाउन के बाद इस बैठक को टाल दिया गया। अब महामारी के वर्तमान हालातों को देखते हुए काउंसिल ने फिलहाल सीपीई बैठकों को अगले आदेशों तक स्थगित ही रखने का फैसला किया गया है।