पीजीआई चंडीगढ़ को कायाकल्प प्रतियोगिता में पहला पुरस्कार मिला है। पुरस्कार के तौर उसे पांच करोड़ रुपये की राशि दी गई है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को साफ-सुथरा रखने और संक्रमण को कंट्रोल करने के मकसद से देश में पहली बार कायाकल्प नामक प्रतियोगिता का आयोजन किया था।
प्रतियोगिता में 26 प्रदेशों के सेंट्रल गवर्नमेंट व जिला अस्पताल शामिल किए गए थे। अगले साल से प्राइमरी हेल्थ सेंटर और कम्युनिटी हेल्थ सेंटरों को भी शामिल करने की घोषणा की गई है।
सेंट्रल गवर्नमेंट अस्पतालों की कैटेगरी में पीजीआई चंडीगढ़ को पहला पुरस्कार मिला है। दूसरा स्थान दिल्ली के एम्स के नाम रहा। एम्स को पुरस्कार के तौर पर तीन करोड़ रुपये मिले। जबकि तीसरा स्थान नॉर्थ ईस्टर्न इंदिरा गांधी रीजनल इंस्टीट्यूट आफ हेल्थ एंड मेडिकल साइंस शिलांग को मिला। बुधवार शाम को नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मंत्रालय के हेल्थ सेक्रेटरी बीपी शर्मा ने अवॉर्ड बांटे। इस खास मौके पर पीजीआई की ओर से डायरेक्टर वाईके चावला और डिप्टी मेडिकल सुपरिंटेंडेंट विपिन कौशल मौजूद रहे।
इस मौके पर बीपी शर्मा ने बताया कि कायाकल्प अवॉर्ड देने का मकसद अस्पतालों को साफ-सुथरा रखना है। साथ ही संक्रमण को कंट्रोल करना भी स्कीम का हिस्सा है। उन्होंने अवॉर्ड जीतने वाले अस्पतालों से कहा कि वह संक्रमण की दर कम करने की दिशा में काम करते रहें।