पीजीआई प्रशासन के साथ बातचीत के बाद ओटी टेक्नीशियनों ने मंगलवार शाम हड़ताल खत्म कर ड्यटी ज्वाइन कर ली। पीजीआई प्रशासन ने नई कमेटी गठित कर तीन दिन के भीतर रिपोर्ट देने की बात कही है।
नई कमेटी से डाक्टरों को बाहर रखा गया है। कमेटी में सिर्फ प्रशासनिक अधिकारी को शामिल किया गया है। साथ ही पीजीआई ने ओटी टेक्नीशियन की उस बात को भी स्वीकार कर लिया है कि जब तक कमेटी रिपोर्ट नहीं देती, तब तक रेजिडेंट डाक्टर को आपरेशन थियेटर से बाहर रखा जाए।
तीन दिन के लिए रेजिडेंट डाक्टर आशीष को ओटी में आने से मना कर दिया गया है। पीजीआई प्रशासन ने कहा है कि कमेटी की रिपोर्ट पर 24 घंटे के भीतर एक्शन ले लिया जाएगा। प्रशासन तीन महीने के भीतर खाली पोस्टों पर ओटी टेक्नीशियन की स्थाई नियुक्ति करेगा। साथ यह भी आश्वासन दिया गया है कि हड़ताल पर गए टेक्नीशियन पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
मंगलवार को रद्द हुई 160 से ज्यादा सर्जरी
ओटी टेक्नीशियन के हड़ताल पर जाने से पीजीआई ने मंगलवार को सभी प्लान सर्जरी को टाल दिया था। पीजीआई के मुताबिक एक दिन में करीब 200 सर्जरी की जाती हैं। इनमें से 150-160 प्लान सर्जरी होती है। मंगलवार को सिर्फ इमरजेंसी सर्जरी की गई थीं। पीजीआई ने सोमवार रात ही सर्कुलर निकाल दिया था कि मंगलवार को कोई भी प्लान सर्जरी नहीं की जाएगी।