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पीजीआई ने नई कमेटी गठित की, टेक्नीशियन काम पर लौटे

Wed, 25 Jan 2017 11:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पीजीआई चंडीगढ़ - फोटो : File Photo
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पीजीआई प्रशासन के साथ बातचीत के बाद ओटी टेक्नीशियनों ने मंगलवार शाम हड़ताल खत्म कर ड्यटी ज्वाइन कर ली। पीजीआई प्रशासन ने नई कमेटी गठित कर तीन दिन के भीतर रिपोर्ट देने की बात कही है। 
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नई कमेटी से डाक्टरों को बाहर रखा गया है। कमेटी में सिर्फ प्रशासनिक अधिकारी को शामिल किया गया है। साथ ही पीजीआई ने ओटी टेक्नीशियन की उस बात को भी स्वीकार कर लिया है कि जब तक कमेटी रिपोर्ट नहीं देती, तब तक रेजिडेंट डाक्टर को आपरेशन थियेटर से बाहर रखा जाए।

तीन दिन के लिए रेजिडेंट डाक्टर आशीष को ओटी में आने से मना कर दिया गया है। पीजीआई प्रशासन ने कहा है कि कमेटी की रिपोर्ट पर 24 घंटे के भीतर एक्शन ले लिया जाएगा। प्रशासन तीन महीने के भीतर खाली पोस्टों पर ओटी टेक्नीशियन की स्थाई नियुक्ति करेगा। साथ यह भी आश्वासन दिया गया है कि हड़ताल पर गए टेक्नीशियन पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
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मंगलवार को रद्द हुई 160 से ज्यादा सर्जरी
ओटी टेक्नीशियन के हड़ताल पर जाने से पीजीआई ने मंगलवार को सभी प्लान सर्जरी को टाल दिया था। पीजीआई के मुताबिक एक दिन में करीब 200 सर्जरी की जाती हैं। इनमें से 150-160 प्लान सर्जरी होती है। मंगलवार को सिर्फ इमरजेंसी सर्जरी की गई थीं। पीजीआई ने सोमवार रात ही सर्कुलर निकाल दिया था कि मंगलवार को कोई भी प्लान सर्जरी नहीं की जाएगी।
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समझौते से पहले पीजीआई आया था एक्शन मोड में

पीजीआई - फोटो : File Photo
समझौते से पहले पीजीआई आया था एक्शन मोड में
टेक्नीशियन और प्रशासन के बीच समझौते से पहले पीजीआई एक्शन में मोड में आ गया था। पहले दौर की बातचीत विफल होने के बाद पीजीआई ने प्रेस वार्ता में कहा कि हड़ताल पर गए कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हड़ताल को अवैध करार कर दिया और काम न करने पर सैलरी काटने के आदेश दे दिए।

इसलिए गए थे हड़ताल पर 
पिछले हफ्ते ट्रामा सेंटर में ओटी टेक्नीशियन और रेजिडेंट डाक्टर के बीच झगड़ा हो गया था। रेजिडेंट डाक्टर पर दुर्व्यवहार और मारपीट का आरोप लगाया गया था। उसके बाद पीजीआई प्रशासन ने कमेटी गठित कर दी। कमेटी कोई भी फैसला नहीं ले पाई। कमेटी का कहना था कि डाक्टर के खिलाफ कोई पुख्ता सुबूत नहीं मिले हैं।

टेक्नीशियन को इस बारे में पहले से ही शक था कि डाक्टर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद वे बिफर गए और हड़ताल पर जाने का फैसला ले लिया। ओटी टेक्नीशियन एसोसिएशन का कहना था कि चार से ज्यादा ऐसी घटना हो चुकी हैं, जिसमें डाक्टरों ने दुर्व्यवहार किया और उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसलिए वे इस बात पर भी जोर दे रहे थे कि इस बार कोई कार्रवाई होनी चाहिए।
 
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