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दवाओं पर छूट न देने वाले केमिस्ट नपेंगे

Wed, 18 Jun 2014 02:03 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पीजीआई में ब्रांडेड दवाओं पर 57.2 प्रतिशत छूट नहीं देने वाले केमिस्ट शॉप पर संस्थान ने कार्रवाई की तैयार कर ली है। केमिस्ट शॉप पर निगरानी रखने वाली पीजीआई की एस्टेट कमेटी ने शॉप मालिक को तीन महीने में सभी ब्रांडेड दवाओं का स्टाक रखने के आदेश दिए थे। 16 जून को दिया गया अल्टीमेटम पूरा हो चुका है।
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दी गई मोहलत के दौरान भी केमिस्ट शॉप के खिलाफ कई शिकायतें आईं। मरीज केमिस्ट शॉप पर पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें एक ही जवाब मिलता है कि दवा नहीं है। पीजीआई एस्टेट कमेटी के चेयरमैन डा. अरविंद राजवंशी ने बताया कि अगले हफ्ते होने वाली मीटिंग में इस मुद्दे को उठाया जाएगा।

मीटिंग में ही तय होगा कि शॉप मालिक के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाए। दूसरी तरफ शिवांगी मेडिकोज की ओर से आरोप लगाया कि पीजीआई के डाक्टर साल्ट के बजाए ब्रांड का नाम लिखते हैं। इससे मरीजों को दवाएं देने में परेशानी आती है। इस बारे में कई बार पीजीआई को लेटर लिखा जा चुका है।
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छूट देने पर सबसे कम किराए पर दी थी शॉप
पीजीआई ने पिछले साल इस शॉप का टेंडर निकाला था। टेंडर में शर्त रखी गई थी कि ब्रांडेड दवाओं पर 50 प्रतिशत छूट देने पर ही यह शॉप दी जाएगी। छूट देने पर शॉप का किराया मात्र आठ हजार रुपये महीना रखा गया था, जबकि साथ में खुली अन्य दुकानों का किराया 12-14 लाख रुपये महीने पर रखा गया है।

टेंडर निकलते ही चंडीगढ़ केमिस्ट एसोसिएशन ने इसका विरोध किया था। उनका कहना था कि इतने कम रेट पर कोई दवा नहीं ले सकता है। उसके बाद शिवांगी मेडिकोज ने इसका टेंडर भरा और 50 की बजाए 57.2 प्रतिशत डिस्काउंट भरा।

बेसिक दवाएं ही नहीं मिलती
केमिस्ट शॉप में पहुंचने वाले मरीजों ने बताया कि दुकान में बेसिक दवाएं तक नहीं मिलती। बैंक के रिटायर्ड अधिकारी एमके सिंह ने बताया कि वे पिछले दिनों हार्ट की सिंपल दवा लेने गए थे, लेकिन वह मिली नहीं। इसके बारे में पीजीआई को भी शिकायत दी थी।

इसके अलावा मरीजों ने बताया कि उन्हें ह्यूमन एल्बुमिन (लाइफ सेविंग दवा), मेग्नेक्स, प्रोटेंटोक्स,(दोनों ही एंटीबायोटिक इंजेक्शन), इकोस्पिरिन एवी (हार्ट पेशंट की दवा) सहित कई दवाएं शॉप से गायब हैं, जबकि पीजीआई जैसे संस्थान में दुकान होने के कारण ये दवाएं तो जरूर होनी चाहिए।
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