बार-बार हड़ताल से मरीजों को आ रही दिक्कतों से परेशान पीजीआई प्रशासन ने अब सख्त रवैया अपना लिया है। डायरेक्टर की ओर से आदेश दिया गया है कि यदि कोई कैरों ब्लॉक (डायरेक्टर दफ्तर) के सामने प्रदर्शन करता है तो उसके खिलाफ तत्काल नियमों के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
तुरंत शोकाज नोटिस जारी कर उस पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही काम नहीं, वेतन नहीं की नीति लागू कर दी जाएगी। पीजीआई प्रशासन के इस फैसले से सभी एसोसिएशन और एचओडी को अवगत करा दिया गया है।
पीजीआई ने साफ किया है कि वह किसी भी कीमत पर कर्मचारियों की हड़ताल से मरीजों को होने वाली परेशानी को बर्दाश्त नहीं करेगा। यदि कोई ऐसा करता है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही उन्होंने पीजीआई के सभी डिपार्टमेंट से कहा कि उनकी सबसे पहली जिम्मेदारी बनती है कि वे हड़ताल की नौबत न आने दें। किसी भी एसोसिएशन या कर्मचारी की कोई शिकायत है तो वे उसे निपटाएं। बातचीत करें। काम के माहौल को सुधारने के लिए हर संभव प्रयास करें।
पीजीआई में पिछले कुछ महीने से लगातार हड़ताल हो रही है। कभी जूनियर डाक्टर हड़ताल पर जाते हैं तो कभी नर्स। पिछले दिनों ओटी टेक्नीशियन और कांट्रैक्ट कर्मचारी हड़ताल पर थे।