देश का प्रतिष्ठित सरकारी अस्पताल पीजीआई, चंडीगढ़ इस समय फैकल्टी की कमी से जूझ रहे हैं। यहां 125 पद खाली पड़े हैं। एम्स, नई दिल्ली का भी यही कारण है। इसके कारण दोनों संस्थानों में अनुसंधान और शिक्षा के कार्यों में रुकावट आ रही है। यह बात स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद ने मंगलवार को राज्यसभा में कही।
सांसद एचके दुआ द्वारा पूछे गए सवाल का लिखित जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि एम्स में 329 फैकल्टी के पद खाली हैं जबकि पीजीआई में 125 पद। चंडीगढ़ पीजीआई ने हाल ही में विभिन्न विशेषज्ञता वाले 40 फैकल्टी सदस्यों की भर्ती की है।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य सेवाओं में जहां टीचिंग कैडर के 362 पद खाली हैं, वहीं नॉन टीचिंग कैडर के 130 और जनरल ड्यूटी मेडिकल आफिसर के 522 पद खाली हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने आगे बताया कि वर्ष 2012 में एम्स में 103 पद भरने के लिए चयन प्रक्रिया शुरू की गई थी और 99 उम्मीदवारों ने फैकल्टी सदस्य के पद संभाल लिए हैं। इसके अलावा असिस्टेंट प्रोफेसर के 138 पदों के लिए भी आवेदन मंगाए गए थे।